गिलहरी के बारे में 30 रोचक जानकारी - Information About Squirrel In Hindi

Information About Squirrel In Hindi

आज हम आपको गिलहरी के बारे में कुछ अनोखी और रोचक जानकारियाँ बताने वाले हैं जिनमे से कुछ तथ्य ऐसे भी होंगे जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा।

गिलहरी के बारे में रोचक तथ्य और मजेदार बातें - Facts about Squirrel in Hindi

1. गिलहरी के आगे के दाँत हमेशा बढ़ते रहते हैं।

2. गिलहरी अपने अखरोट छिपाकर जमीन के अंदर छिपा कर भूल भी जाते हैं।

3. सन 2007 में ईरान ने 14 गिलहरियों को गिरफ्तार कर लिया था क्योंकि की वे बॉर्डर इलाके में जासूसी कर रहे थे।

4. कई बार देखा गया है की ये अपने अखरोट को अन्य गिलहरियों से बचाने के लिए उन्हें जमीन में गाड़ने का नाटक भी करते हैं।

5. ओक के पेड़ के विस्तार में गिलहरी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वे जमीन में एकोर्न संग्रहित करते हैं, लेकिन उनमें से लगभग 70 प्रतिशत को ही उपयोग कर पाते हैं, बाकि भूल गए एकोर्न पेड़ों के रूप में विकसित हो जाते हैं ।

6. दुनियाभर में गिलहरियों की लगभग 285 प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

7. इनकी प्रजातियाँ अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया को छोड़कर हर महाद्वीप में पाए जाते हैं।

8. वे सर्दियों के मौसम में गर्म रहने के लिए अपना वजन बढ़ा लेते हैं।

9. जो काम हैकर नही कर पाते वो गिलहरियों ने कर दिखाया, 10 दिसंबर 1987 को एक गिलहरी ने बिजली लाइनों को चबाकर 82 मिनट के लिए नैस्डैक (शेयर मार्किट) को बंद कर दिया था, जिससे लगभग 20 मिलियन शेयरों का व्यापार बंद हो गया था।

10. एक नवजात गिलहरी लगभग एक इंच लंबी होती है।

Information About Squirrel In Hindi (11-20)

11. नर गिलहरी एक मील दूर से ही गंध सूंघकर मादा का पता लगा सकता है।

12. जब ये कूदते हैं, या गिरते हैं, तो संतुलन बनाने के लिए अपनी पूंछ का उपयोग करते हैं इसके अलावा ये पैराशूट के रूप में भी अपनी पूँछ का इस्तेमाल करते हैं।

13. गिलहरी की सबसे बड़ी प्रजाति भारतीय विशाल गिलहरी (Indian giant squirrel) है, जो की 36 इंच (1 मी) तक लंबी हो सकती है। सबसे छोटी गिलहरी की प्रजाति अफ्रीकी पेगी गिलहरी है जो की लम्बाई में 2 से 5 इंच (7-13 सेमी) तक होते हैं।

14. गिलहरियों के सामने के पैरों पर 4 पंजे होते हैं और पिछले पैरों पर 5 पंजे होते हैं जो बेहद नुकीले होते हैं और पेड़ की छाल पर चढ़ते हुए पकड़ने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

15. गिलहरियाँ 30 मीटर ऊंचाई से बिना किसी चोट के गिर सकते हैं।

16. बेबी गिलहरी केवल अपनी माँ के मुँह में पेशाब और शौच करतीं हैं ताकि माँ इसे अपने घोसले से दूर फेंक सके ताकि गंध से शिकारियों को उनके घोंसले का पता न चल पाए।

17. गिलहरी की आँखें कुछ इस तरह से बनी होती हैं की वे अपने पीछे की ओर भी देख सकते हैं।

18. गिलहरी 20 फीट की दूरी तक छलांग लगा सकती है।

19. गिलहरी क्या खाती है? गिलहरी ज्यादातर अखरोट, बीज और फल खाती हैं, लेकिन खाने की कमी होने पर  ये  कीड़े, घोंघे, पक्षी के अंडे और जानवरों के शवों को भी खा लेते हैं।

20. गिलहरी एक ऐसा जीव है जो की सर निचे और पूँछ उपर की तरफ रख कर पेंड से निचे उतर सकतीं हैं।

Information About Squirrel In Hindi (21-30)

21. 'उड़न गिलहरी' की 44 प्रजातियाँ हैं। इनके शरीर पर पंखनुमा एक झिल्ली होता है जो की उनके कलाई से पैर तक फैला होता है।

उड़न-गिलहरी की फोटो


22. उडन गिलहरी वास्तव में उड़ नही सकतीं बल्कि ये पंख की तरह दिखने वाले झिल्ली का उपयोग करके ग्लाइड करती हैं। यह ठीक उसी तरह से है जैसे मनुष्य पैराशूट की सहायता से ऊंचाई से निचे आता है।

23. उड़न गिलहरी का वैज्ञानिक नाम क्या है? इसे वैज्ञानिक भाषा में टेरोमायनी (Pteromyini) या पेटौरिस्टाइनी (Petauristini) कहा जाता है।

24. गिलहरी विभिन्न अलग-अलग आवाजों और गंधों को पहचान कर एक दूसरे के साथ संवाद करती हैं। संभावित खतरे के लिए अन्य गिलहरियों को सतर्क करने के लिए वे सिग्नलिंग डिवाइस के रूप में अपनी पूंछ का उपयोग करते हैं।

25. ब्रिटेन जैसे ठंडे क्षेत्रों में, गिलहरी चुनौतीपूर्ण सर्दियों के महीनों में जीवित रहने के लिए योजना बनाती है। वे विभिन्न स्थानों पर नट और बीज जमा करते हैं और पूरे सर्दियों में भोजन के रूप में उनका उपयोग करते हैं।

26. गिलहरी बहुत भरोसेमंद जानवर हैं, ऐसी बहुत ही कम जंगली जानवरों की प्रजातियां हैं जो किसी व्यक्ति के छूने पर उसे नुकसान न पहुंचाए।

27. उड़न गिलहरी कौन से अभ्यारण में पाई जाती है? अगर अभ्यारण्य की बात करें तो सबसे ज्यादा उड़न गिलहरी राजस्थान के सीतामाता अभ्यारण्य में पाए जाने की बात कही जाती है, लेकिन हाल ही में किये गये एक सर्वेक्षण में पाया गया है की सबसे ज्यादा फुलवारी की नाल अभयारण्य में ये प्रजाति पाई जाती हैं।

28. यह भी देखा गया है की कभी-कभी गिलहरियाँ दूसरे गिलहरी द्वारा छोड़ दिए गये बच्चे को गोद भी ले लेती हैं।

29. गिलहरी लगभग बीस साल तक जीवित रह सकती है।

30. गिलहरी के पैर में double-joint होता है जो की उनके पेड़ों पर जल्दी से चढ़ने की क्षमता को बढ़ता है
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ओक पेड़ के बारे में 21 अद्भुत जानकारी - Information About Oak Tree in Hindi

Oak Tree in Hindi

बांज पेड़ (ओक ट्री) के बारे में रोचक जानकारी - Oak Tree in Hindi

1. Oak tree यानि ओक के पेड़ को हिंदी में शाहबलूत, बलूत या बांज कहा जाता है।

2. एक ओक पेड़ (Oak Tree) का सामान्य जीवनकाल लगभग 200 वर्ष होता है, लेकिन कुछ 1,000 से भी अधिक वर्षों से अधिक जीवित रहते हैं।

3. Oak tree इस धरती पर हम इंसानों के पैदा होने से पहले ही मौजूद हैं।

4. ओक के पेड़ पृथ्वी पर 6 करोड़ साल पहले से मौजूद हैं। इतने वर्षों में भी ये पेड़ विलुप्त नही हुए हैं इसके पीछे कारण है इनके बीज जो की एक गोलाकार कठोर आवरण से ढके होते हैं, इसके अलावा इनकी पत्तियों में विशेष प्रकार के एसिड पाए जाते हैं जो कीड़ों को रोकता है।

5. संयुक्त राज्य अमेरिका में Pechanga ग्रेट ओक ट्री नाम का ओक पेड़ सबसे पुराना oak tree है। इसकी आयु 2,000 वर्ष तक होने का अनुमान है।

6. दुनियाभर में ओक ट्री की लगभग 600 प्रजातियां पायी गयी हैं।


7. ओक के पेड़ (Oak Tree) की ऊंचाई लगभग 15 से 21 मीटर (50 से 70 फीट) तक होती है और पूरी तरह से विकसित होने पर इसकी शाखाएं औसतन 15 मीटर (50 फीट) तक फैलते हैं।

8. बसंत के मौसम में इस बांज के पेड़ पर दो तरह के फूल लगते हैं, एक नर फूल और दूसरा मादा फूल। ओक के पेड़ों में उनकी शाखा के एक भाग पर नर फूल और उसी शाखा के दूसरे भाग पर मादा फूल होते हैं।

9. इसका फल एक अखरोट है जिसे एक एकोर्न कहा जाता है, जो की कप के आकार में होते हैं। एकोर्न का उत्पादन 20 से 50 वर्ष की आयु में शुरू होता है। प्रत्येक एकोर्न में एक बीज होते हैं और उनकी प्रजातियों के आधार पर इन्हें परिपक्व होने में 6 से 24 महीने लगते हैं।

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10. पूरे जीवनकाल में एक ओक के पेड़ से लगभग 1 करोड़ एकोर्न मिलते हैं।

11. कई पशु-पक्षियों के लिए ये अखरोट भोजन का एक प्रमुख साधन है। कबूतर, बत्तख, गिलहरी, चूहे और बड़े स्तनधारी, जैसे कि हिरण, सूअर और भालू भी एकोर्न का सेवन करते हैं।

12. इस बात का ध्यान जरुर रखना चाहिए की इसके पत्ते और फल कुत्ते, भेड़, बकरियों और घोड़ों के लिए कभी-कभी जहरीले भी हो सकते हैं। इसे अधिक मात्रा में खिलाने से उनकी जान भी जा सकती है।

13. ज्यादातर एकोर्न जानवरों और पक्षियों द्वारा खा लिया जाता है इसलिए एक अनुमान के मुताबिक लगभग 10,000 एकोर्न (अखरोट) में से केवल एक ही ओक का पेड़ बन पाता है।

14. पर्यावरण की दृष्टी से बांज के पेड़ बहुत ही उपयोगी हैं। इनकी जड़ों में फैलाव और सघनता बहुत अधिक होता है जिससे ये वर्षा जलों को अवशोषित कर उन्हें भूमिगत करने में मदद करते हैं।

15. इस पेड़ की लकड़ियों बहुत ही मजबूत होती हैं और इसीलिए पुराने समय में ओक का उपयोग पानी पर चलने वाले जहाज बनाने के लिए भी किया जाता था।

16. 19 वीं शताब्दी के मध्य तक ब्रिटिश शाही नौसेना के जहाजों का निर्माण भी ओक से ही किया जाता था। आज भी इसका उपयोग फर्नीचर बनाने में किया जाता है।

17. कुछ वाद्य यंत्रो में भी इसकी लकड़ी का उपयोग होता है, यामहा के ड्रम को बनाने के लिए ओक की लकड़ी का उपयोग किया जाता है।

18. ओक की लकड़ी से बने बैरल अक्सर शराब के भंडारण और निर्माण में उपयोग की जाती है। शराब, व्हिस्की, और ब्रांडी सभी ओक बैरल में जमा किये जाते हैं। कहा जाता है की इस बैरल से शराब में एक अलग ही प्रकार का रंग और स्वाद पैदा होता है।

19. ओक के पेड़ों को कई देशों द्वारा राष्ट्रीय पेड़ घोषित किया गया है, 2004 में अमेरिका ने इसे राष्ट्रीय पेड़ घोषित किया था, जो देश की ताकत और मजबूती का प्रतीक था। इसके अलावा यह इंग्लैंड, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, वेल्स और सेर्बी का भी राष्ट्रीय वृक्ष है।

20. ओक के पत्तों को संयुक्त राज्य सशस्त्र बलों के द्वारा सेना रैंकों को दर्शाने के लिए भी किया जाता है। एक silver oak लेफ्टिनेंट कर्नल या एक कमांडर के रैंक को दर्शाता है। एक गोलाकार ओक का पत्ता एक लेफ्टिनेंट कमांडर या मेजर को इंगित करता है।

21. ग्रीक के पौराणिक कथाओं में, ओक के पेड़ को देवताओं के राजा ज़ीउस के लिए एक पवित्र पेड़ कहा गया है।

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उम्मीद है आपको ओक पेड़ (Oak tree) के बारे में जानकारी पढ़कर मज़ा आया होगा। अपनी राय हमें निचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें। इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। धन्यवाद! 
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दुनिया की 25 सबसे ऊँची इमारतें - Sbse Badi Building

दुनिया की सबसे ऊँची इमारतें- sbse-bdi-imarat
आज हम पूरे वर्ल्ड की उन इमारतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने दुनियाभर में अपनी ऊंचाई की वजह से एक अलग ही पहचान बनायीं है। ये बिल्डिंग्स इतने बड़े हैं की इनकी ऊंचाई जानकर आप हैरान हो जायेंगे।

इसके अलावा हम आज आपको यह भी बताएँगे की इन सबसे ऊँचे टावर और इमारतों का आखिर क्या उपयोग होता है? ये कहाँ मौजूद हैं? इसमें कितने मंजिल (फ्लोर) हैं? और इनका निर्माण कब पूरा हुआ?

दुनिया की 25 सबसे ऊँची इमारतें - सबसे बड़े बिल्डिंग्स

तो ये हैं दुनिया के 25 सबसे बड़े ईमारत और टावर की लिस्ट। चलिए इन विशालकाय बिल्डिंग की तस्वीरें देखते हैं और उनके बारे में कुछ और जानकारियाँ हासिल करते हैं।

1. बुर्ज खलीफा - दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग | 830 मीटर | 163 मंजिल 

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स्थान: दुबई
देश: संयुक्त अरब अमीरात
ऊँचाई कितनी है: 830 मीटर (2,717 फीट)
फ्लोर कितने हैं: 163 मंजिल
ईमारत का क्या उपयोग है: कार्यालय, आवासीय एवं होटल
निर्माण पूर्ण होने का वर्ष: 2010

2. शंघाई टॉवर - विश्व की दूसरी सबसे बड़ी ईमारत | 632 मीटर | 128 मंजिल 

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स्थान: शंघाई
देश: चीन
ऊंचाई: 632 मीटर (2,073 फीट)
फ्लोर: 128 मंजिल
बिल्डिंग का उपयोग: होटल एवं कार्यालय
पूर्ण होने का वर्ष: 2015


3. मक्का रॉयल क्लॉक टॉवर | 601 मीटर | 120 मंजिलें 

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स्थान: मक्का
देश: सऊदी अरब
ऊंचाई: 601 मीटर (1,972 फीट)
फ्लोर: 120
उपयोग: मिश्रित
पूर्ण होने का वर्ष: 2012

4. पिंग एक वित्त केंद्र (Ping An Finance Center) | 599 मी | 115 मंजिलें 

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स्थान: शेन्ज़ेन
देश: चीन
ऊंचाई: 599 मीटर (1,965 फीट)
फ्लोर: 115
उपयोग: कार्यालय
पूर्ण: 2017

5. लोटे वर्ल्ड टॉवर | 554.5 मीटर | 123 मंजिलें 

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स्थान: सियोल
देश: दक्षिण कोरिया
ऊंचाई: 554.5 मीटर (1,819 फीट)
फ्लोर: 123
उपयोग: होटल और कार्यालय
पूर्ण होने का वर्ष: 2017

6. वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर | 541.3 मीटर | 94 मंजिलें 

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स्थान: न्यूयॉर्क
ऊंचाई: 541.3 मीटर | 1,776 फीट
फ्लोर: 94
उपयोग: होटल और कार्यालय
पूर्ण होने का सन: 2014

7. CTF वित्त केंद्र | 530 मीटर  | 111 मंजिलें 

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स्थान: गुआंगज़ौ
देश: चीन
ऊंचाई: 530 मीटर | 1,739 फीट
फ्लोर की संख्या :  111
उपयोग: मिश्रित
पूर्ण होने का वर्ष: साल 2016


8. चाइना ज़ून | 527.7 मीटर | 109 मंजिलें 

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स्थान: बीजिंग
देश: चीन
ऊंचाई:  527.7 मीटर | 1,731 फीट
फ्लोर की संख्या: 109
उपयोग: कार्यालय
पूर्ण होने का वर्ष: 2018

9. ताइपे 101 | 509 मीटर | 101 मंजिलें 

taipei

स्थान: ताइपे
देश: ताइवान
बिल्डिंग की ऊंचाई: 509 मीटर | 1,667 फीट
फ्लोर की संख्या: 101
उपयोग: कार्यालय
कब बनकर तैयार हुआ: 2004

10. शंघाई वर्ल्ड फाइनेंशियल सेंटर | 492 मीटर | 101 मंजिलें 

Shanghai-World-Financial-Center

स्थान: शंघाई
देश: चीन
ऊंचाई: 492 मीटर | 1,614 फीट
फ्लोर की संख्या: 101
प्रयोग करें: होटल और कार्यालय पूर्ण: 2008

11. अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य केंद्र (International Commerce Center) | 484 मीटर | 108 मंजिलें 

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स्थान: हांगकांग
ऊंचाई: 484 मीटर | 1,588 फीट
फ्लोर: 108
बिल्डिंग का उपयोग: होटल और कार्यालय
पूर्ण होने का वर्ष: 2010

12. विनकॉम लैंडमार्क 81 | 461.3 मीटर | 81 मंजिलें 

Vincom Landmark 81

स्थान: हो ची मिन्ह सिटी
देश: वियतनाम
ऊंचाई: 461.3 मीटर | 1,513 फीट
फ्लोर: 81
ईमारत का उपयोग: होटल और आवासीय
पूर्ण: 2018

13. चांग्शा IFS टॉवर T1 | 452.1 मीटर | 94 मंजिलें 

changsha-ifs

स्थान: चांग्शा
देश: चीन
बिल्डिंग की ऊंचाई: 452.1 मीटर | 1,483 फीट
मंजिल: 94
उपयोग: होटल और कार्यालय
निर्माण पूरे होने का वर्ष: 2018

14. पेट्रोनास टावर | 451.9 मीटर | 88 मंजिलें 

Petronas Tower

स्थान: कुआलालंपुर
देश: मलेशिया
ऊंचाई: 451.9 मीटर | 1,483 फीट
फ्लोर: 88
उपयोग: कार्यालय
पूर्ण: 1998

16. ज़िफ़ेंग टॉवर (Zifeng Tower) | 450 मीटर | 66 मंजिलें 

zifeng-tower

स्थान: नानजिंग
देश: चीन
उपयोग: होटल और कार्यालयों
ऊंचाई: 450 मीटर | 1,476 फीट
फ्लोर: 66
पूर्ण होने का वर्ष: 2010

17. विलिस टॉवर | 442.1 मीटर | 1,451 फीट | 108 मंजिलें 

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स्थान: शिकागो
देश: संयुक्त राज्य अमेरिका
ऊंचाई: 442.1 मीटर | 1,451 फीट
उपयोग: कार्यालय
फ्लोर: 108
कब बनकर तैयार हुआ: 1974

18. के के 100 | 441.8 मीटर | 100 मंजिलें 

KK100
स्थान: शेन्ज़ेन
देश: चीन
ऊंचाई: 441.8 मीटर | 1,449 फीट
फ्लोर की संख्या: 100
उपयोग: होटल और कार्यालय
पूर्ण होने का वर्ष: 2011

19. गुआंगज़ौ अंतर्राष्ट्रीय वित्त केंद्र (Guangzhou International Finance Center) | 438.6 मीटर | 103 मंजिल 

guangzhou international finance center

स्थान: गुआंगज़ौ
देश: चीन
ईमारत की ऊंचाई कितनी है: 438.6 मीटर | 1,439 फीट
कितने मंजिल हैं: 103
उपयोग: होटल और कार्यालय
कब बनकर तैयार हुआ: 2010

20. 432 पार्क एवेन्यू | 425.5 मीटर | 85 मंजिलें 

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स्थान: न्यूयॉर्क
ईमारत की ऊंचाई:  425.5 मीटर | 1,397 फीट
फ्लोर: 85
उपयोग: आवासीय
पूर्ण: 2015

21. मरीना 101 | 425 मीटर | 101 मंजिलें 

Marina 101

स्थान: दुबई
देश: संयुक्त अरब अमीरात
ऊंचाई कितनी है: 425 मीटर | 1,394 फीट
मंजिल: 101
उपयोग: रेजिडेंशियल और होटल
पूर्ण: 2017

22. ट्रम्प इंटरनेशनल होटल एंड टॉवर | 423.2 मीटर | 98 मंजिल 

Trump-International-Hotel

स्थान: शिकागो
देश: संयुक्त राज्य अमेरिका
टावर की ऊंचाई: 423.2 मीटर | 1,389 फीट
फ्लोर: 98
उपयोग: आवासीय और होटल
निर्माण पूरा होने का वर्ष: 2009

23. जिन माओ टॉवर | 420.5 मीटर | 88 मंजिलें 

jin-mao-tower

स्थान: शंघाई, चीन
ऊंचाई: 420.5 मीटर | 1,380 फीट
मंजिल: 88
उपयोग: होटल और कार्यालय के रूप में
पूर्ण: 1999

24. प्रिंसेस टॉवर | 413.4 मीटर | 101 मंजिलें 

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स्थान: दुबई, संयुक्त अरब अमीरात
उपयोग: आवासीय
ऊंचाई: 413.4 मीटर | 1,356 फीट
मंजिलें: 101
पूरा होने का वर्ष: 2012

25. अल हमरा टॉवर | 412.6 मीटर | 1,354 फीट | 80 मंजिलें 

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स्थान: कुवैत
ऊंचाई: 412.6 मीटर | 1,354 फीट
फ्लोर: 80
उपयोग: कार्यालय
पूर्ण: 2011


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सेब के बारे में 40 रोचक जानकारियाँ और फायदे - Information About Apple in Hindi

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सेब यानि एप्पल, हम सबके पसंदीदा फलों में से एक है। आज हम इसी के बारे में बात करने वाले हैं। हम सेब के बारे में आपको कुछ मजेदार जानकारियाँ देना चाहते हैं, इसके साथ ही आपको यह भी बताना चाहते हैं की सेब खाने से क्या फायदे हैं। अगर आपको भी सेब खाना पसंद है तो नीचे सेब के बारे में कुछ lines लिखें गये हैं जिन्हें आपको जरुर पढना चाहिए।

सेब के बारे में जानकारियाँ - About Apple in Hindi

1. सेब को फ्रिज से बाहर रखने पर वह 10 गुना तेजी से पकता है।

2. कभी आपने सोचा है कि सेब पानी में क्यों तैरते हैं? इसका कारण यह है कि इसके अंदर का 25 प्रतिशत भाग हवा से बना होता है।

3. धरती पर सेब बहुत पहले से मौजूद हैं। 6500 ईसा पूर्व आसपास से इसके पुरातात्विक साक्ष्य पाए गये हैं।

4. वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया में पहली बार सेब हजारों साल पहले मध्य एशियाई देश कज़ाख़िस्तान में पैदा हुए थे।

5. आम और केले के बाद सेब दुनिया का तीसरा सबसे लोकप्रिय फल है।

6. नींद भगाने के लिए कॉफ़ी की तुलना में एक सेब अधिक कारगर है इसकी प्राकृतिक चीनी कैफीन की तुलना में अधिक शक्तिशाली है।



7. दुनिया का सबसे बड़ा सेब जापान में पाया गया था जिसका वजन 1.849 किलोग्राम था।

8. दुनियाभर में सेब की 7500 से भी ज्यादा किस्में (प्रजातियाँ) पायी जाती हैं।

9. सेब तीन रंगों में पाए जाते हैं - पीला, हरा और लाल।

10. सेब (apple) सबसे ज्यादा कहाँ पाया जाता है? चीन, U.S, टर्की, पोलैंड और इटली सबसे ज्यादा सेब उत्पादक देश हैं।

11. एक सेव में औसतन 10 बीज होते हैं।

12. भारत में सेब का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन है? जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्य सेब उत्पादन में सबसे आगे हैं।

सेब के पेड़ की जानकारी - Apple Tree information in Hindi

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सेब का पेड़ (Apple tree)
13. सेब (Apple) के पेड़ 100 से अधिक वर्षों तक जीवित रह सकते हैं।

14. सेब के पेड़ों को अपना पहला फल देने में चार से पांच साल लगते हैं।

15. दरअसल सेब का पेड़ गुलाब की प्रजाति का ही एक हिस्सा है।

16. सेब के फलने से पहले इसपर फूल लगते हैं जो की गर्मी के मौसम में फूलते हैं।

17. इसके फूल बहुत ही खूबसूरत होता है जिसका रंग सफ़ेद, गुलाबी और पीला होता है।

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सेब का फूल
18. पेड़ पर एक सेब के फल के लिए लगभग 50 पत्तियों से उर्जा संग्रहित करने की जरूरत पड़ती है।

19. जंगली सेब के पेड़ों पर फल कांटेदार शाखाओं द्वारा संरक्षित होते हैं।

20. सेब के पेड़ अलग-अलग ऊंचाइयों तक बढ़ते हैं, जो पेड़ की प्रजाति के आधार पर 5 से 30 फीट तक हो सकते हैं

सेब खाने के क्या लाभ हैं? Benefits of Apple in Hindi

21. सेब में कौनसा विटामिन पाया जाता है? इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, इसके अलावा इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं।

22. सेब कभी भी छील कर नही खाने चाहिए, क्योंकि इसके छिलके में दो-तिहाई फाइबर और बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो की हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी हैं।

23. सेब वजन कम करने के लिए फायदेमंद है।

24. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।

25. इसमें आयरन की मात्रा भी पाई जाती है जिससे एनीमिया की बीमारी में लाभ मिलता है।

26. यह आपके दांतों को स्वस्थ और चमकदार बनाता है।

27. दिल की बिमारी के खतरे को कम करता है।

28. रिसर्च में यह भी पाया गया है की सेव खाने से कैंसर का खतरा भी कम होता है।

29. अल्जाइमर से बचाता है।

30. इससे टाइप-2 मधुमेह का खतरा भी कम हो जाता है।


31. पाचन क्रिया को ठीक करता है।

32. कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं से बचाता है।

33. गुर्दे की पथरी (स्टोन) को बनने से रोकता है।

34. हड्डियों को मजबूत करता है।

35. यह मस्तिष्क के लिए भी बहुत ही लाभदायक है। यह एकाग्रशक्ति और याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है।

36. शरीर से कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करता है।

37. आँखों से जुडी समस्याएं जैसे ग्लूकोमा, आखों की रौशनी कम होना आदि को भी ठीक कर सकता है।

38. त्वचा (स्किन) के लिए भी फायदेमंद है, चेहरे की झुर्रियां, दाग-धब्बे को दूर करता है।

39. एप्पल जूस को बालों पर लगाने से रुसी (dandruff) खत्म हो जाते हैं।

40. इसमें एंटीओक्सिडेंट की भरपूर मात्रा होती है जो की शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी है।


आपको यह लेख सेब के बारे में जानकारियाँ (Information about apple in Hindi) कैसी लगी हमें जरुर बताएं। धन्यवाद!



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तोते के बारे में 30 रोचक जानकारी - Parrot in Hindi

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तोता के बारे में रोचक तथ्य - Amazing Information about Parrot bird in Hindi

1. ऑस्ट्रेलियन नाइट तोते को दुनिया का सबसे मायावी और रहस्यमय पक्षी माना गया है, इस प्रजाति के पक्षी को इस सदी में केवल तीन लोगों के द्वारा देखे जाने की पुष्टि हुई है।

2. क्या आपको पता है? भारत में तोते को पिंजड़े में पालना गैर कानूनी है।

3. तोते के पंख में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरिया तत्व पाए जाते हैं।

4. तोते ही एकमात्र ऐसे पक्षी हैं जो अपने पैरों से खाना पकड़ कर ठीक उसी तरह खा सकते हैं जैसे हम इंसान अपने हाथों से खाते हैं।

5. माना जाता है कि तोते सबसे बुद्धिमान प्रजाति के पक्षियों में से एक हैं।

6. तोते को पढना, गिनना, रंगों और आकृतियों को पहचानना सिखाया जा सकता है।

7. पूरी दुनिया में तोते की लगभग 400 से भी ज्यादा प्रजाति पाई जातीं हैं।

8. Puck नामक तोते का नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज क्योंकि इसने 1728 शब्द याद कर लिए थे।

9. कुछ प्रजातियाँ ऐसी भी होती हैं जो इंसानों की आवाज़ की नकल कर सकते हैं।

10. रोचक तथ्य यह भी है की तोते पराबैंगनी प्रकाश (अल्ट्रावायलेट किरणों) को भी देख सकते हैं, जबकि हम मनुष्य ऐसा नहीं कर सकते।

11. तोते अलग-अलग आकार और वजन के होते हैं। औसतन एक तोते का आकार 3.5 से 40 इंच (8.7 से 100 सेंटीमीटर) और वजन 64 ग्राम से 1.6 किलोग्राम हो सकता है।

12. काकापो (Kakapo) तोता दुनिया का सबसे भारी तोता है। इसका औसत वजन 4 किलोग्राम होता है।

13. दुनिया के सबसे छोटे और हल्के तोते का नाम पिग्मी (Pygmy) है जिसका औसत वजन 10 ग्राम होता है।

14. तोते की उम्र कितनी होती है? तोते का जीवनकाल अन्य पक्षियों की तुलना में अधिक होता है, कई बार ये आपके साथ उम्रभर भी रह सकते हैं तो कई बार ये अपने मालिक से अधिक उम्र तक जीवित रहते हैं। आमतौर पर बड़ी प्रजाति के तोते अधिक उम्र तक जीवित रहते हैं जो की 30-70 साल तक भी जी सकते सकते हैं।

15. सबसे अधिक उम्र तक जीवित रहने वाले तोते का नाम कुकी (Cookie) है जिसकी सन 2016 में 83 साल की आयु में मौत हो गयी। इसने अपना लगभग पूरा जीवनकाल Brookfield Zoo में बिताया।

15. तोता क्या-क्या खाता है? अधिकांश तोते भोजन के रूप में बीजों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा ये फल, फूल या छोटे कीड़े भी खा सकते हैं। यानि ये शाकाहारी भी होते हैं और मांसाहारी भी।

16. इस बात का हमेशा ध्यान रखें - तोते को कभी भी चॉकलेट नही खिलाना चाहिए, यह उनके लिए जहरीला होता है और इससे उनकी जान जा सकती है।

17. Hyacinth नाम के तोते की चोंच इतनी मजबूत होती है की यह कठोर नारियल को भी तोड़ सकती है।

18. सन 1800 के अंत में, एक स्कॉच व्हिस्की कंपनी ने मार्केटिंग के लिए 500 तोते का इस्तेमाल किया था। उन्होंने अपने प्रचार के लिए कुछ स्लोगन बनाकर तोतों को रटवा दिया था और फिर उन्हें अलग-अलग पबों को दे दिया गया था।

19. यह अपने आप में अनोखी बात है कि अधिकांश तोते एक पैर पर खड़े होकर सोते हैं।

20. आपको जानकर हैरानी होगी की तोते का 2 करोड़ 30 लाख साल पुराना जीवाश्म पाया गया है जिनके हड्डियों की संरचना आज के तोते की तरह ही थे।

21. तोते कितने अंडे देते हैं? आमतौर पर ये एक समय में दो से आठ अंडे देते हैं, जिन्हें 18 से 30 दिनों तक सेने की आवश्यकता होती है, माता-पिता दोनों मिलकर अंडे को सेते हैं।

22. तोते के बच्चे अपने जीवन के पहले दो हफ्तों के लिए अंधे होते हैं। तीन सप्ताह में, वे अपने पंख विकसित करना शुरू कर देते हैं। एक से चार साल बाद ही ये चूजे पूरी तरह से परिपक्व हो पाते हैं।

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23. आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि तोते की कई प्रजातियां ऐसी भी होती हैं जिनमे नर और मादा एक समान होते हैं और लिंग पता करने के लिए रक्त परीक्षण करना पड़ता है।

24. तोते छेद वाले घोंसले में रहना पसंद करते हैं। वे अपने घोंसले का निर्माण पेड़ों के छेद, चट्टानों के गुहाओं या जमीन की सुरंगों में करते हैं।

25. तोते मिलनसार और सामाजिक पक्षी होते हैं और इन्हें झुण्ड में रहना पसंद होता है।

26. यह भी देखा गया है की यदि तोता लम्बे समय तक अकेला रहे तो वह बोर होकर पागल भी हो सकता है। इन्हें प्यार और दुलार चाहिए होता है, ये किसी न किसी के सम्पर्क में रहना पसंद करते हैं, ये लम्बे समय खाली नही रह सकते। इसलिए इन्हें कभी भी लम्बे समय तक पिंजड़े में खाली नही छोड़ना चाहिए।

27. तोते को संगीत पसंद होता है, वे संगीत की ताल को महसूस कर सकते हैं और समझ भी सकते हैं।

28. तोते के बारे में एक और आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि यदि आप एक तोते को बोलना सिखाते हैं और इसे जंगली में छोड़ देते हैं तो यह बाकी तोतों को भी बोलना सिखा सकता है।

29. तोता का एक नस्ल ऐसा भी है जो उड़ नही सकता, इसे काकापो (Kakapo) कहते हैं जो की अपनी भारी वजन की वजह से उड़ नही सकते।

30. दुर्भाग्य की बात है की काकापो की प्रजाति अब धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है - 2018 में इनकी संख्या केवल 149 रह गयी थी।

आगे पढ़ें:
आपको तोते के बारे में जानकारी (Parrot information in Hindi) पढ़ कर कैसा लगा हमें जरुर बताएं।
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कछुए के बारे में 35 रोचक जानकारी -Facts About Tortoise in Hindi

Facts about Tortoise in Hindi

कछुए के बारे में 35 रोचक तथ्य - Turtle and Tortoise in Hindi

1. कछुए इस धरती पर 20 करोड़ साल यानि डायनासोर काल से मौजूद हैं।

2. कछुए का वैज्ञानिक नाम Testudinidae है।

3. कुछ कछुए 100 साल से भी अधिक पुराने हो सकते हैं। हेरिएट नाम का एक कछुआ था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह मूल रूप से 1835 में चार्ल्स डार्विन द्वारा खोजा गया था और बाद में ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में लाया गया था। इसकी मृत्यु 2006 में हुई और उस समय उसकी उम्र 175 साल थी।

4. कछुआ अंतरिक्ष में जाने वाले पहले जीवित प्राणियों में से एक है। सन 1968 में, सोवियत संघ ने दो कछुओं सहित कई जानवरों के साथ एक अंतरिक्ष यात्रा शुरू की। अंतरिक्ष में एक सप्ताह बिता कर लौटने के बाद देखा गया की इन दोनों कछुओं के शरीर का वजन 10% कम हो गया था।

5. अगर कछुए के दिमाग को इसके शरीर से अलग कर दिया जाए तो भी ये 6 महीने तक जीवित रह सकते हैं।

6. कछुए के खोल (शेल) में 60 हड्डियाँ होती हैं जो एक दुसरे से जुड़े होते हैं।

7. कछुए लंबे समय तक अपनी सांस रोक सकते हैं। यही कारण है की वे अपने शेल के अंदर इतने लंबे समय तक रह लेते हैं। जब भी उन्हें खतरा महसूस होता है तो वे अपने खोल के अंदर छिप जाते हैं, लेकिन इससे पहले वे एक लम्बी साँस छोड़ते हैं जिसकी आवाज सुनी जा सकती है।


8. अंटार्कटिका को छोड़कर ये लगभग उन सभी महाद्वीपों पर रहते हैं जिनका तापमान इनके प्रजनन के लिए पर्याप्त गर्म हो।

9.  Hawksbill नाम का एक समुद्री कछुआ सिर्फ ऐसे जीवों को खाता है जो की जहरीले होते हैं।

10. कछुए की दौड़ने की अधिकतम रफ़्तार 1.6 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है।

11. कछुए अपने खोल से बाहर नही निकल सकते क्योंकि यह उनके शरीर से जुड़ा हुआ होता है और शरीर के साथ ही बढ़ता है।

12. कुछ कछुए मांसाहारी होते हैं, तो कुछ शाकाहारी और कुछ सर्वाहारी भी होते हैं जो की मांस और पौधे कुछ भी खा सकते हैं। कई बार कछुओं के बच्चे मांसाहारी के रूप में जीवन शुरू करते हैं, लेकिन बड़े होने के बाद पौधे खाना शुरू कर देते हैं।

13. कछुआ क्या खाता है? यह उस वातावरण पर निर्भर करता है जिसमें वह रहता है। भूमि पर रहने वाले कछुए झींगुर, फल और घास का भोजन करते हैं, जबकि समुद्र में रहने वाले कछुए शैवाल, स्क्वीड और जेलिफ़िश आदि खाते हैं। पानी में रहने वाला कछुआ क्या खाता है? पानी वाला    कछुआ शाकाहारी और मांसाहारी दोनों हो सकता है, यह छोटे-छोटे कीड़े, मछली, मेढक, घोंघें आदि के अलावा घास, फल, फूल, पत्ते, बीज आदि भी खाते हैं।

14. इनके कवच के रंग से पता लगाया जा सकता है की ये जिस इलाके में रहते हैं वहां का तापमान क्या है। हल्के रंग के शेल से पता चलता है की गर्म स्थान में रहते हैं। जबकि गहरे रंग से पता लगता है की वह कछुआ किसी ठंडे इलाके में रहता है।
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15. इनका खून ठंडा होता है और माना जाता है की ठंडे खून वाले प्राणी का जीवनकाल बहुत लम्बा होता है।

16. अगर आप कछुआ पकड़ना चाहते हैं तो इसे अपने दोनों हांथों से ही पकड़ें, एक हाँथ इसके शरीर के नीचे जरुर रखें क्योंकि ये अपने नीचे हवा महसूस करने पर डर जाते हैं।

17. कुछ उष्णकटिबंधीय द्वीपों में विशालकाय कछुए भी पाए जाते हैं जिन्हें Giant Tortoise कहा जाता है। इनकी ऊंचाई 6 फीट और चौड़ाई 4 से 5 फीट तक हो सकती है। यही नही इनका वजन 400 किलो से भी अधिक हो सकता है।

18. गैलापागोस प्रजाति का कछुआ पक्षियों का शिकार भी करता है। इसकेलिए वह पक्षियों को अपने खोल के नीचे खींचकर दबा देता है और उसे अपने वजन से कुचल देता है।

19. आपको जानकर हैरानी होगी की Giant tortoise का वैज्ञानिक नाम तय होने में 300 साल लग गये थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इनका मांस बहुत ही स्वादिष्ट होता था और जब भी सैंपल के लिए कोई कछुआ यूरोप भेजा जाता था लोग उसे रास्ते में ही मारकर खा जाते थे।

20. इनकी देखने और सुनने की क्षमता बहुत अधिक होती है।

21. आसपास के गंध को सूंघने के लिए ये अपने गले का उपयोग करते हैं।

22. सर्दी के दिनों में कछुए शीतनिद्रा में चले जाते हैं और कई महीनो तक बिना कुछ खाए एक ही स्थिति में पड़े रहते हैं।

23. कछुए अपने खोल के ऊपर होने वाले स्पर्श को महसूस कर सकते हैं। ये अपने मुंह के ऊपरी हिस्से से साँस अंदर खीचते हैं और गंद का पता लगाते हैं।

24. कछुए के शरीर के वजन का 40% भाग पानी होता है, दरअसल रेगिस्तानी कछुए बरसात के दिनों या अलग-अलग जल स्त्रोतों से भारी मात्रा में पानी पी कर स्टोर कर लेते हैं ताकि सूखे के दिनों में यह काम आ सके।

25. हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है।

26. Tortoise और Turtle में क्या अंतर है? इन दोनों में मुख्य अंतर है की Tortoise हमेशा जमीन पर रहता है ये जंगल, मरुस्थल आदि में रहते हैं और जब प्यास लगती है तभी पानी के पास जाते हैं। जबकि Turtle एक जलीय प्राणी है ये ज्यादातर पानी में ही रहते हैं और धरती पर तभी आते हैं जब इन्हें अंडे देना हो।

27. कछुए के मुंह बेहद मजबूत होते हैं लेकिन उनके दांत नहीं होते हैं।

28. कछुए का खोल कठोर होने के कारण ये अन्य जानवरों और मनुष्यों की तरह सांस लेने के लिए अपनी छाती नही फुला सकते, इसलिए कछुओं में मांसपेशियों का एक विशेष समूह विकसित होता है जो उन्हें साँस लेने में सहायता करता है।

29. मादा कछुए एक बार में 1 से 30 अंडे देते हैं। अंडे देने के लिए वे मिट्टी खोदकर स्थान बनाते हैं।

30. अंडे से बच्चे निकलने में 90 से 150 दिन लगते हैं।

31. मादा कछुओं का शरीर आमतौर पर नर की तुलना में बड़े होते।

32. एक नर कछुए की तुलना में मादा की पूँछ लंबी होती है, जिसके द्वारा वे प्रजनन करते हैं।

33. आमतौर पर कछुए हमेशा शांत रहते हैं लेकिन प्रजनन के दौरान ये फुफकारने की आवाज़ निकालते हैं।

34. प्राचीन काल में रोमन सैनिक कछुओं के कवच से प्रभावित थे और लड़ाई के दौरान ये ढाल का उपयोग कर अपने सैनिकों को सामने और ऊपर से ढक लेते थे।
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35. अफसोस की बात यह है की आज कछुए की कई प्रजातियां लुप्तप्राय हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार आज पृथ्वी पर  कछुओं की लगभग 300 प्रजातियों में से 129 असुरक्षित या लुप्तप्राय हो चुके हैं।

आपको कछुए के बारे में जानकारी (Information about tortise in Hindi) पढ़ कर कैसा लगा हमें जरूर बताएं। धन्यवाद!
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पेंगुइन के बारे में 32 जानकारियाँ - आपको हैरान कर देंगी - About Penguin in Hindi

Penguin in Hindi

पेंगुइन के बारे में 32 रोचक जानकारियाँ - Information About Penguin in Hindi


1. वैज्ञानिकों का मानना है की पेंगुइन की 17 प्रजातियाँ हैं लेकिन उनमे से 13 प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।

2. अधिकांश पेंगुइन दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, चिली और ऑस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं।

3. हर साल 25 अप्रैल को विश्व पेंगुइन दिवस (World Penguin Day) मनाया जाता है।

4. पेंगुइन का सबसे पुराना जीवाश्म आज से लगभग 6 करोड़ 16 लाख साल पहले का है, यह वो समय था जब धरती से सारे डायनासोर खत्म हो चुके थे। कुछ जीवाश्म पेंगुइन आज के किसी भी पेंगुइन की तुलना में बहुत बड़े थे, जो 4.5 फीट लंबे थे।

5. पेंगुइन के दांत नही होते ये अपने शिकार को खाने के लिए अपनी चोंच का उपयोग करते हैं।

6. आपको जानकर हैरानी होगी की ये अपने भोजन के साथ कंकड़ और पत्थर भी खाते हैं। ये पत्थर भोजन को पचाने में मदद करता है। इसके अलावा ये पत्थर पानी की गहराई में गोता लगाने के लिए पेंगुइन के शरीर को आवश्यक भार प्रदान करता है।

7. पेंगुइन मांसाहारी होते हैं और ये अपना सारा खाना समुद्र से प्राप्त करते हैं। ये मछलियाँ, केकड़े, झींगे आदि को अपना भोजन बनाते हैं।

8. एक वयस्क पेंगुइन एक डुबकी लगाकर एक बार में 30 मछलियाँ पकड सकती है।

9. समुद्र के अंदर सबसे ज्यादा गहराई में गोता लगाने का रिकॉर्ड सम्राट पेंगुइन (Emperor Penguin) के नाम दर्ज है जो की 1,850 फीट गहराई तक पहुँच गया था। और इस दौरान वह 22 मिनट तक बिना सांस लिए पानी के अंदर गोता लगाता रहा।

10. पेंगुइन समुद्र का खारा पानी पी सकते हैं क्योंकि उनके पास एक विशेष प्रकार की ग्रंथि होती है, जो रक्तप्रवाह से नमक को छानने का काम करती है।

11. पेंगुइन की देखने की क्षमता जमीन के मुकाबले पानी के अंदर अधिक होती है। ऐसा भी माना जाता है की पेंगुइन धरती पर बहुत ही कम दूरी तक देख पाते हैं।

12. पेंगुइन को अपने पंखों का बहुत ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है। सही तरीके से देखभाल नही करने पर इनके पंख वाटर प्रूफ नही रहते। इस काम के लिए ये अपने पंखों पर विशेष प्रकार का तेल लगाते हैं जो की उनके पूँछ के पास से स्त्रावित होता है।

13. पेंगुइन के पंख साल में एक बार नष्ट हो जाते हैं। नये पंख आने में कुछ हफ्ते का समय लगता है तब तक ये अपना समय जमीन पर या बर्फ पर बिताते हैं क्योंकि इस दौरान वे पानी में जाने से असमर्थ होते हैं।

14. बड़े पेंगुइन आमतौर पर ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं। जबकि छोटे पेंगुइन आमतौर पर अधिक गर्म और उष्णकटिबंधीय जलवायु में पाए जाते हैं।

15. पेंगुइन की कुछ प्रजातियाँ घोसला भी बनाती हैं इसके लिए वे छोटे-छोटे पत्थरों को पंक्तिबद्ध रख कर एक गोलाकार स्थान बनाते हैं।

16. ब्लू पेंगुइन इस प्रजाति की सबसे छोटी पक्षी है, जिनकी केवल केवल 16 इंच की होती है।

17. पेंगुइन बहुत ही ज्यादा सामाजिक पक्षी हैं। समुद्र में आमतौर पर ये समूह में तैरते हैं और समूहों में भोजन भी करते हैं।

Penguin Group Photo - penguin in hindi


18. ये बड़े-बड़े झुंडो में रहना पसंद करते हैं एक समूह में 200, 1000 या उससे भी अधिक पेंगुइन हो सकते हैं। यही वजह है की इनकी लोकेशन का पता अंतरिक्ष से भी लगाया जा सकता है।

19. पेंगुइन की अब तक की सबसे बड़ी कॉलोनी दक्षिण सैंडविच द्वीपसमूह के Zavodovski Island में देखी गयी थी जहाँ इनकी संख्या 20 लाख के आसपास थी।

20. पेंगुइन एक दुसरे को बुलाने के लिए अलग-अलग आवाजें निकालते हैं, अब आप सोंच सकते हैं की हजारों की झुण्ड में सभी को अलग-अलग आवाज से बुलाना कितना कठिन काम होगा।

21. ये पानी के अंदर 10 से 15 मिनट तक बिना सांस लिए रह सकते हैं। ये पानी के अंदर साँस नही ले सकते।

22. अपना ज्यादातर जीवन पानी में बिताते हैं लेकिन ये अंडे देने के लिए धरती पर ही आते हैं। ये पानी के अंदर अंडे नही देते।

23. पेंगुइन पक्षी के आकार और वजन की तुलना में अन्य पक्षियों के अण्डों से इनके अंडे बहुत ही छोटे होते हैं।

24. अंडे को सेने की जिम्मेदारी नर की होती है, वह अपने नर्म पैरों से अंडे को गर्म रखता है और जब तक अंडे से शिशु पैदा न हो जाए ये उसी अवस्था में महीनो तक बने रहते हैं, यहाँ तक की इस दौरान वे खाने के लिए भी कहीं नही जाते।

25. पेंगुइन के नवजात बच्चे वाटर प्रूफ नही होते हैं इसलिए जब तक इनके शरीर पर वाटर प्रूफ पंख नही आ जाते तब तक ये पानी के बाहर ही रहते हैं और भोजन के लिए अपनी माँ पर निर्भर रहते हैं।

26. ये पानी के अंदर करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं। जबकि Gentoos नाम की प्रजाति के पेंगुइन इससे दोगुना यानि 32 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तैर सकते हैं।

27. कई बार इन्हें बर्फ पर अपने पेट के बल फिसलते हुए भी देखा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है की ये ऐसा मजे लेने के लिए और कई बार एक जगह से दुसरे जगह जाने के लिए करते हैं।

28. पेंगुइन हम इंसानों से नही डरते हैं बल्कि ये अपने आप को इंसानों के बीच सुरक्षित महसूस करते हैं।

29. इनकी औसत उम्र 15 से 20 साल तक होती है।

30. पुरातत्वविदों द्वारा पाया गया सबसे बड़ा पेंगुइन जीवाश्म 5 फीट तक लंबा है।

31. और अब जीवित प्रजातियों में से सम्राट पेंगुइन (Emperor Penguin) सबसे अधिक लम्बा पेंगुइन है जिसकी ऊंचाई 4 फीट होती है।

32. पेंगुइन दिखने में बहुत ही प्यारे होते हैं लेकिन चिंता का विषय है की अब इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है जिसकी सबसे बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन है।

आपको पेंगुइन के बारे में जानकारी पढ़कर कैसा लगा हमें जरूर बताएं। आप इसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं।

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