कछुए के बारे में 35 रोचक जानकारी -Facts About Tortoise in Hindi

Facts about Tortoise in Hindi

कछुए के बारे में 35 रोचक तथ्य - Tortoise in Hindi

1. कछुए इस धरती पर 20 करोड़ साल यानि डायनासोर काल से मौजूद हैं।

2. कछुए का वैज्ञानिक नाम Testudinidae है।

3. कुछ कछुए 100 साल से भी अधिक पुराने हो सकते हैं। हेरिएट नाम का एक कछुआ था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह मूल रूप से 1835 में चार्ल्स डार्विन द्वारा खोजा गया था और बाद में ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में लाया गया था। इसकी मृत्यु 2006 में हुई और उस समय उसकी उम्र 175 साल थी।

4. कछुआ अंतरिक्ष में जाने वाले पहले जीवित प्राणियों में से एक है। सन 1968 में, सोवियत संघ ने दो कछुओं सहित कई जानवरों के साथ एक अंतरिक्ष यात्रा शुरू की। अंतरिक्ष में एक सप्ताह बिता कर लौटने के बाद देखा गया की इन दोनों कछुओं के शरीर का वजन 10% कम हो गया था।

5. अगर कछुए के दिमाग को इसके शरीर से अलग कर दिया जाए तो भी ये 6 महीने तक जीवित रह सकते हैं।

6. कछुए के खोल (शेल) में 60 हड्डियाँ होती हैं जो एक दुसरे से जुड़े होते हैं।

7. कछुए लंबे समय तक अपनी सांस रोक सकते हैं। यही कारण है की वे अपने शेल के अंदर इतने लंबे समय तक रह लेते हैं। जब भी उन्हें खतरा महसूस होता है तो वे अपने खोल के अंदर छिप जाते हैं, लेकिन इससे पहले वे एक लम्बी साँस छोड़ते हैं जिसकी आवाज सुनी जा सकती है।

8. अंटार्कटिका को छोड़कर ये लगभग उन सभी महाद्वीपों पर रहते हैं जिनका तापमान इनके प्रजनन के लिए पर्याप्त गर्म हो।

9.  Hawksbill नाम का एक समुद्री कछुआ सिर्फ ऐसे जीवों को खाता है जो की जहरीले होते हैं।

10. कछुए की दौड़ने की अधिकतम रफ़्तार 1.6 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है।

11. कछुए अपने खोल से बाहर नही निकल सकते क्योंकि यह उनके शरीर से जुड़ा हुआ होता है और शरीर के साथ ही बढ़ता है।

12. कुछ कछुए मांसाहारी होते हैं, तो कुछ शाकाहारी और कुछ सर्वाहारी भी होते हैं जो की मांस और पौधे कुछ भी खा सकते हैं। कई बार कछुओं के बच्चे मांसाहारी के रूप में जीवन शुरू करते हैं, लेकिन बड़े होने के बाद पौधे खाना शुरू कर देते हैं।

13. कछुआ क्या खाता है? यह उस वातावरण पर निर्भर करता है जिसमें वह रहता है। भूमि पर रहने वाले कछुए झींगुर, फल और घास का भोजन करते हैं, जबकि समुद्र में रहने वाले कछुए शैवाल, स्क्वीड और जेलिफ़िश आदि खाते हैं।

14. इनके कवच के रंग से पता लगाया जा सकता है की ये जिस इलाके में रहते हैं वहां का तापमान क्या है। हल्के रंग के शेल से पता चलता है की गर्म स्थान में रहते हैं। जबकि गहरे रंग से पता लगता है की वह कछुआ किसी ठंडे इलाके में रहता है।
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15. इनका खून ठंडा होता है और माना जाता है की ठंडे खून वाले प्राणी का जीवनकाल बहुत लम्बा होता है।

16. अगर आप कछुआ पकड़ना चाहते हैं तो इसे अपने दोनों हांथों से ही पकड़ें, एक हाँथ इसके शरीर के नीचे जरुर रखें क्योंकि ये अपने नीचे हवा महसूस करने पर डर जाते हैं।

17. कुछ उष्णकटिबंधीय द्वीपों में विशालकाय कछुए भी पाए जाते हैं जिन्हें Giant Tortoise कहा जाता है। इनकी ऊंचाई 6 फीट और चौड़ाई 4 से 5 फीट तक हो सकती है। यही नही इनका वजन 400 किलो से भी अधिक हो सकता है।

18. गैलापागोस प्रजाति का कछुआ पक्षियों का शिकार भी करता है। इसकेलिए वह पक्षियों को अपने खोल के नीचे खींचकर दबा देता है और उसे अपने वजन से कुचल देता है।

19. आपको जानकर हैरानी होगी की Giant tortoise का वैज्ञानिक नाम तय होने में 300 साल लग गये थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इनका मांस बहुत ही स्वादिष्ट होता था और जब भी सैंपल के लिए कोई कछुआ यूरोप भेजा जाता था लोग उसे रास्ते में ही मारकर खा जाते थे।

20. इनकी देखने और सुनने की क्षमता बहुत अधिक होती है।

21. आसपास के गंध को सूंघने के लिए ये अपने गले का उपयोग करते हैं।

22. सर्दी के दिनों में कछुए शीतनिद्रा में चले जाते हैं और कई महीनो तक बिना कुछ खाए एक ही स्थिति में पड़े रहते हैं।

23. कछुए अपने खोल के ऊपर होने वाले स्पर्श को महसूस कर सकते हैं। ये अपने मुंह के ऊपरी हिस्से से साँस अंदर खीचते हैं और गंद का पता लगाते हैं।

24. कछुए के शरीर के वजन का 40% भाग पानी होता है, दरअसल रेगिस्तानी कछुए बरसात के दिनों या अलग-अलग जल स्त्रोतों से भारी मात्रा में पानी पी कर स्टोर कर लेते हैं ताकि सूखे के दिनों में यह काम आ सके।

25. हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है।

26. Tortoise और Turtle में क्या अंतर है? इन दोनों में मुख्य अंतर है की Tortoise हमेशा जमीन पर रहता है ये जंगल, मरुस्थल आदि में रहते हैं और जब प्यास लगती है तभी पानी के पास जाते हैं। जबकि Turtle एक जलीय प्राणी है ये ज्यादातर पानी में ही रहते हैं और धरती पर तभी आते हैं जब इन्हें अंडे देना हो।

27. कछुए के मुंह बेहद मजबूत होते हैं लेकिन उनके दांत नहीं होते हैं।

28. कछुए का खोल कठोर होने के कारण ये अन्य जानवरों और मनुष्यों की तरह सांस लेने के लिए अपनी छाती नही फुला सकते, इसलिए कछुओं में मांसपेशियों का एक विशेष समूह विकसित होता है जो उन्हें साँस लेने में सहायता करता है।

29. मादा कछुए एक बार में 1 से 30 अंडे देते हैं। अंडे देने के लिए वे मिट्टी खोदकर स्थान बनाते हैं।

30. अंडे से बच्चे निकलने में 90 से 150 दिन लगते हैं।

31. मादा कछुओं का शरीर आमतौर पर नर की तुलना में बड़े होते।

32. एक नर कछुए की तुलना में मादा की पूँछ लंबी होती है, जिसके द्वारा वे प्रजनन करते हैं।

33. आमतौर पर कछुए हमेशा शांत रहते हैं लेकिन प्रजनन के दौरान ये फुफकारने की आवाज़ निकालते हैं।

34. प्राचीन काल में रोमन सैनिक कछुओं के कवच से प्रभावित थे और लड़ाई के दौरान ये ढाल का उपयोग कर अपने सैनिकों को सामने और ऊपर से ढक लेते थे।
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35. अफसोस की बात यह है की आज कछुए की कई प्रजातियां लुप्तप्राय हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार आज पृथ्वी पर  कछुओं की लगभग 300 प्रजातियों में से 129 असुरक्षित या लुप्तप्राय हो चुके हैं।

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पेंगुइन के बारे में 32 जानकारियाँ - आपको हैरान कर देंगी - About Penguin in Hindi

Penguin in Hindi

पेंगुइन के बारे में 32 रोचक जानकारियाँ - Information About Penguin in Hindi


1. वैज्ञानिकों का मानना है की पेंगुइन की 17 प्रजातियाँ हैं लेकिन उनमे से 13 प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।

2. अधिकांश पेंगुइन दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, चिली और ऑस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं।

3. हर साल 25 अप्रैल को विश्व पेंगुइन दिवस (World Penguin Day) मनाया जाता है।

4. पेंगुइन का सबसे पुराना जीवाश्म आज से लगभग 6 करोड़ 16 लाख साल पहले का है, यह वो समय था जब धरती से सारे डायनासोर खत्म हो चुके थे। कुछ जीवाश्म पेंगुइन आज के किसी भी पेंगुइन की तुलना में बहुत बड़े थे, जो 4.5 फीट लंबे थे।

5. पेंगुइन के दांत नही होते ये अपने शिकार को खाने के लिए अपनी चोंच का उपयोग करते हैं।

6. आपको जानकर हैरानी होगी की ये अपने भोजन के साथ कंकड़ और पत्थर भी खाते हैं। ये पत्थर भोजन को पचाने में मदद करता है। इसके अलावा ये पत्थर पानी की गहराई में गोता लगाने के लिए पेंगुइन के शरीर को आवश्यक भार प्रदान करता है।

7. पेंगुइन मांसाहारी होते हैं और ये अपना सारा खाना समुद्र से प्राप्त करते हैं। ये मछलियाँ, केकड़े, झींगे आदि को अपना भोजन बनाते हैं।

8. एक वयस्क पेंगुइन एक डुबकी लगाकर एक बार में 30 मछलियाँ पकड सकती है।

9. समुद्र के अंदर सबसे ज्यादा गहराई में गोता लगाने का रिकॉर्ड सम्राट पेंगुइन (Emperor Penguin) के नाम दर्ज है जो की 1,850 फीट गहराई तक पहुँच गया था। और इस दौरान वह 22 मिनट तक बिना सांस लिए पानी के अंदर गोता लगाता रहा।

10. पेंगुइन समुद्र का खारा पानी पी सकते हैं क्योंकि उनके पास एक विशेष प्रकार की ग्रंथि होती है, जो रक्तप्रवाह से नमक को छानने का काम करती है।

11. पेंगुइन की देखने की क्षमता जमीन के मुकाबले पानी के अंदर अधिक होती है। ऐसा भी माना जाता है की पेंगुइन धरती पर बहुत ही कम दूरी तक देख पाते हैं।

12. पेंगुइन को अपने पंखों का बहुत ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है। सही तरीके से देखभाल नही करने पर इनके पंख वाटर प्रूफ नही रहते। इस काम के लिए ये अपने पंखों पर विशेष प्रकार का तेल लगाते हैं जो की उनके पूँछ के पास से स्त्रावित होता है।

13. पेंगुइन के पंख साल में एक बार नष्ट हो जाते हैं। नये पंख आने में कुछ हफ्ते का समय लगता है तब तक ये अपना समय जमीन पर या बर्फ पर बिताते हैं क्योंकि इस दौरान वे पानी में जाने से असमर्थ होते हैं।

14. बड़े पेंगुइन आमतौर पर ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं। जबकि छोटे पेंगुइन आमतौर पर अधिक गर्म और उष्णकटिबंधीय जलवायु में पाए जाते हैं।

15. पेंगुइन की कुछ प्रजातियाँ घोसला भी बनाती हैं इसके लिए वे छोटे-छोटे पत्थरों को पंक्तिबद्ध रख कर एक गोलाकार स्थान बनाते हैं।

16. ब्लू पेंगुइन इस प्रजाति की सबसे छोटी पक्षी है, जिनकी केवल केवल 16 इंच की होती है।

17. पेंगुइन बहुत ही ज्यादा सामाजिक पक्षी हैं। समुद्र में आमतौर पर ये समूह में तैरते हैं और समूहों में भोजन भी करते हैं।

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18. ये बड़े-बड़े झुंडो में रहना पसंद करते हैं एक समूह में 200, 1000 या उससे भी अधिक पेंगुइन हो सकते हैं। यही वजह है की इनकी लोकेशन का पता अंतरिक्ष से भी लगाया जा सकता है।

19. पेंगुइन की अब तक की सबसे बड़ी कॉलोनी दक्षिण सैंडविच द्वीपसमूह के Zavodovski Island में देखी गयी थी जहाँ इनकी संख्या 20 लाख के आसपास थी।

20. पेंगुइन एक दुसरे को बुलाने के लिए अलग-अलग आवाजें निकालते हैं, अब आप सोंच सकते हैं की हजारों की झुण्ड में सभी को अलग-अलग आवाज से बुलाना कितना कठिन काम होगा।

21. ये पानी के अंदर 10 से 15 मिनट तक बिना सांस लिए रह सकते हैं। ये पानी के अंदर साँस नही ले सकते।

22. अपना ज्यादातर जीवन पानी में बिताते हैं लेकिन ये अंडे देने के लिए धरती पर ही आते हैं। ये पानी के अंदर अंडे नही देते।

23. पेंगुइन पक्षी के आकार और वजन की तुलना में अन्य पक्षियों के अण्डों से इनके अंडे बहुत ही छोटे होते हैं।

24. अंडे को सेने की जिम्मेदारी नर की होती है, वह अपने नर्म पैरों से अंडे को गर्म रखता है और जब तक अंडे से शिशु पैदा न हो जाए ये उसी अवस्था में महीनो तक बने रहते हैं, यहाँ तक की इस दौरान वे खाने के लिए भी कहीं नही जाते।

25. पेंगुइन के नवजात बच्चे वाटर प्रूफ नही होते हैं इसलिए जब तक इनके शरीर पर वाटर प्रूफ पंख नही आ जाते तब तक ये पानी के बाहर ही रहते हैं और भोजन के लिए अपनी माँ पर निर्भर रहते हैं।

26. ये पानी के अंदर करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं। जबकि Gentoos नाम की प्रजाति के पेंगुइन इससे दोगुना यानि 32 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तैर सकते हैं।

27. कई बार इन्हें बर्फ पर अपने पेट के बल फिसलते हुए भी देखा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है की ये ऐसा मजे लेने के लिए और कई बार एक जगह से दुसरे जगह जाने के लिए करते हैं।

28. पेंगुइन हम इंसानों से नही डरते हैं बल्कि ये अपने आप को इंसानों के बीच सुरक्षित महसूस करते हैं।

29. इनकी औसत उम्र 15 से 20 साल तक होती है।

30. पुरातत्वविदों द्वारा पाया गया सबसे बड़ा पेंगुइन जीवाश्म 5 फीट तक लंबा है।

31. और अब जीवित प्रजातियों में से सम्राट पेंगुइन (Emperor Penguin) सबसे अधिक लम्बा पेंगुइन है जिसकी ऊंचाई 4 फीट होती है।

32. पेंगुइन दिखने में बहुत ही प्यारे होते हैं लेकिन चिंता का विषय है की अब इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है जिसकी सबसे बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन है।

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जिराफ़ के बारे में 30 अनोखी जानकारियाँ - Facts About Giraffe in Hindi

About Giraffe in Hindi

जिराफ़ के बारे में 30 रोचक जानकारियाँ - Facts About Giraffe in Hindi

1. जिराफ पृथ्वी का सबसे लंबा स्तनधारी जीव है। जब ये पैदा होते हैं तो इनकी लम्बाई लगभग 6 फीट होती है।

2. नर जिराफ़ की लम्बाई 18 फीट तक हो सकती है। वहीँ मादा की ऊंचाई 14 फीट तक हो सकती है।

3. उनके पैर की ऊंचाई हम मनुष्यों से भी लम्बे होते हैं - लगभग 6 फीट।

4. इनकी गर्दन की लम्बाई भी छह फीट से अधिक लंबी हो सकती है।

5. जिराफ़ का वजन कितना होता है? नर का वजन लगभग 1200 किलो वहीं मादा 830 किलोग्राम की हो सकती है।

6. जिराफ़ को 15 महीने तक गर्भावस्था में रहना पड़ता है।

7. जिराफ़ अपनी लगभग पूरी जिंदगी खड़े-खड़े ही बिता देते हैं। ये खड़े-खड़े सोते हैं और ऐसे ही बच्चे भी पैदा करते हैं। हालांकि ये अपने पैर मोड़कर बैठ भी सकते हैं लेकिन ऐसा बहुत ही कम होता है।

8. जब जिराफ़ पैदा होता है तो वह अपनी माँ के शरीर से अलग होकर 5 फीट की ऊंचाई से नीचे जमीन पर गिरता है इसके बावजूद भी उसे चोंट नही लगती।

9. पैदा होने के 30 मिनट बाद ही ये चलना शुरू कर देते हैं और अगले 10 घंटे में ये अपनी माँ के साथ दौड़ लगाने के लिए तैयार रहते हैं।

10. जिराफ़ के एक नवजात बछड़े का वजन लगभग 100 किलोग्राम होता है।

11. ये 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ सकते हैं।

12. जिराफ़ की लम्बाई अधिक होने की वजह से इन्हें झुककर पानी पीने के लिए अपने पैर फैलाने पड़ते हैं।

13. ये भोजन में पेड़ों की हरी पत्तियां, फूल और कभी-कभी फल भी खाते हैं। ये घास बहुत ही कम खाती हैं। बबूल की पत्तियां इनकी पसंदीदा आहार में से एक है।

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14. जिराफ़ के जीभ गहरे नीले रंग के होते हैं और ये 50-53 सेंटीमीटर लम्बे हो सकते हैं।

15. अपनी जीभ से ये अपनी कान भी साफ़ कर सकते हैं।

16. हम इंसानों की तरह इनके भी 32 दांत होते हैं।

17. हम इंसानों के अंगूठे के निशान की तरह हर जिराफ़ के शरीर पर बने हुए पैटर्न अपने आप में अलग (unique) होते हैं।

18. जंगलों में जिराफ़ की अधिकतम उम्र लगभग 25 साल होती हैं वहीँ पालतू जिराफ़ का जीवन काल इससे भी अधिक हो सकता है।

19. ज्यादातर जिराफ़ कुछ दिनों के अन्तराल में पानी पीते हैं। इन्हें पानी की कुछ मात्रा पौधों और पत्तियों के माध्यम से भी मिल जाता है।

20. जिराफ़ 24 घंटे में सिर्फ 5 से 30 मिनट में ही अपनी नींद पूरी कर सकते हैं। कई बार ये 1 से 2 मिनट की झपकी भी ले लेते हैं।

21. क्या जिराफ़ आवाज निकाल सकते हैं? पहले यह माना जाता था की जिराफ़ आवाज नही करते हैं लेकिन एक रिस1र्च में यह पाया गया की रात के समय जिराफ़ विचित्र आवाजें निकालते हैं जिसका रेंज बहुत ही कम होता है और इसे हम इंसान नही सुन सकते।

22. जिराफ़ की कितनी प्रजातियाँ हैं? इनकी जीवित प्रजातियों की संख्या 4 है, जो की इस प्रकार हैं:

  • उत्तरी जिराफ (Northern giraffe)
  • दक्षिणी जिराफ (Southern giraffe)
  • जालीदार जिराफ (Reticulated giraffe)
  • मसाई जिराफ (Masai giraffe)
23. जिराफ़ का दिल 11 किलो का होता है और यह एक मिनट में 170 बार धडकता है।

24. इसका दिल एक मिनट में लगभग 60 लीटर खून पंप करता है इसके अलावा इसका ब्लड-प्रेशर भी हम इंसानों की तुलना में दोगुना होता है।

25. जिराफ़ के उम्र का पता उसके त्वचा के धब्बों से लगाया जा सकता है। धब्बे जितने गहरे होते हैं, जिराफ़ की उम्र उतनी ही अधिक होती है।

26. जिराफ़ के पर इतने मजबूत होते हैं कि वह शेर को भी लात मार उसकी जान ले सकती है।

27. जिराफ़ के शरीर से पसीना नही निकलता है। शायद यही वजह है की उन्हें कम पानी की जरुरत पड़ती है।

28. जब दो जिराफ़ आपस में गले रगड़ते हुए दिखाई दें तो समझ लीजिये की उनके बीच मुकाबला चल रहा है।

29. धरती पर पाए जाने वाले सभी स्तनधारियों में से जिराफ़ की पूँछ सबसे लम्बी होती है। एक वयस्क जिराफ़ की पूँछ की लम्बाई 8 फीट हो सकती है।

30. आपको जानकर हैरानी होगी की नर जिराफ और मादा जिराफ एक ही पेड़ के अलग-अलग हिस्सों को खाते हैं। इसलिए नर और मादा के बीच खाने को लेकर लड़ाई नही होती है।

हमें उम्मीद है की आपको जिराफ़ के बारे में जानकारी पसंद आई होगी। आप अपने विचार नीचे कमेंट के माध्यम से हम तक पहुँचा सकते हैं। इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें। धन्यवाद!
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बाघ (टाइगर) के बारे में 40 रोचक जानकारियाँ - Information About Tiger in Hindi

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बाघ के बारे में 40 रोचक तथ्य - Facts About Tiger in Hindi

आज हम आपको भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ यानि टाइगर के बारे में 45 points में कुछ अनोखी और दिलचस्प जानकारियाँ बताने वाले हैं। इनमे से कुछ तथ्य ऐसे भी हैं जिनके बारे में आपको शायद ही पता हो। तो चलिए जानते हैं टाइगर के बारे में।

बाघ के बारे में 1 - 10 रोचक तथ्य - Facts About Tiger in Hindi

1. पूरी दुनिया के लगभग 70% बाघ भारत में ही पाए जाते हैं। सन 2006 में सिर्फ 1,411 टाइगर ही बचे थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढती जा रही है और 2016 तक इनकी संख्या बढ़ कर 3,890 हो गयी थी।

2. बाघ (Tiger) पूरी दुनिया में बिल्ली की सबसे बड़ी प्रजाति है।

3. धरती के सबसे बड़े मांसाहारी जानवरों की लिस्ट में बाघ तीसरे नंबर पर है, जबकि पहले स्थान पर ध्रुवीय भालू और दुसरे पर भूरे भालू हैं।

4. बाघ अपने जन्म से एक सप्ताह तक पूरी तरह से अंधे होते हैं। जिनमे से लगभग आधे शावक वयस्क होने से पहले ही मर जाते हैं।

5. जन्म के बाद 2 सालों तक बच्चों की देखभाल केवल मादा ही करती है।

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6. हम इंसानों की उंगलियों के निशान की तरह प्रत्येक बाघ के शरीर की धारियां अपने आप में अलग होती हैं।

7. बाघों की रात में देखने की क्षमता मनुष्य की तुलना में लगभग छह गुना बेहतर है।

8. इनके दहाड़ने की आवाज़ बहुत तेज़ होती है इसे आप 3 किलोमीटर दूर से भी सुन सकते हैं।

9. टाइगर की दौड़ने की रफ़्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।

10. टाइगर लगभग 8 मीटर की दूर और 5 मीटर ऊंचाई तक छलांग लगा सकते हैं।

बाघ के बारे में 11 - 20 तथ्य - Facts About Tiger in Hindi

11. इनके मांसल पैर इतने मजबूत होते हैं की ये मृत अवस्था में भी कुछ समय तक खड़े रह सकते हैं।

12. एक बाघ के पिछले पैर उसके आगे के पैरों से अधिक लंबे होते हैं, जिससे उन्हें अधिक दूरी तक छलांग लगाने की क्षमता मिलती है।

13. ज्यादातर बाघों की आंखें पीली होती हैं, लेकिन सफेद बाघों की आँखें आमतौर पर नीली होती हैं।

14. बाघ की औसत उम्र 10-15 साल होती है लेकिन विशेष परिस्थिति में ये 25 साल तक भी जीवित रह सकते है।

15. बाघ अपने इलाके को चिन्हित करने के लिए पेड़ों को खरोंचकर पंजे का निशान बनाते हैं इसके अलावा वे इसके लिए अपने बदबूदार मूत्र का भी उपयोग करते हैं।

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16. मादा की तुलना में नर बाघों का क्षेत्र बड़ा होता है। नर और मादा बाघ के क्षेत्र एक दुसरे से मिले हुए हो सकते हैं लेकिन कभी भी दो नर या दो मादा का क्षेत्र आपस में मिला हुआ नही हो सकता।

17. सामान्यतः बाघ अन्य जानवरों पर नहीं दहाड़ते हैं, बल्कि वे दूर-दूर के बाघों से संवाद करने के लिए दहाड़ते हैं।

18. टाइगर को भूख बहुत जल्दी लगती है और ये 2-3 हफ्ते भूखा रहें तो इनकी मौत हो सकती है जबकि एक सामान्य व्यक्ति 30-40 दिनों तक बिना खाए जिन्दा रह सकता है।

19. आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी की बाघ अन्य जानवरों की आवाजों की नकल भी कर सकते हैं। शिकार को अपनी तरफ खीचने के लिए यह तरीका इनके लिए बहुत ही कारगर होता है।

20. बाघ अपने शिकार को गला घोंट कर मारता है, इसके अलावा गले की नस काटने के बाद खून की कमी से भी शिकार मर जाता है।

बाघ के बारे में 21 - 30 तथ्य - Facts About Tiger in Hindi

21. टाइगर की 10 सेंटीमीटर की दांत इतनी मजबूत होती है की यह अपने जबड़े से एक झटके में अपने शिकार का गला तोड़ सकती है।

22. बाघों को घात लगा कर शिकार करना पसंद होता है। वैसे तो ये अधिकतर रात में शिकार करते हैं, लेकिन मौका मिलने पर ये दिन में भी हमला कर सकते हैं।

23. बाघों के पास बड़े-बड़े गद्देदार पैर होते हैं जो उनके लिए चुपचाप अपने शिकार तक पहुँचने में मदद करते हैं।

24. कहा जाता है की यदि आप बाघ की तरफ देख रहे हों तो यह संभावना बहुत कम होती है की वह आप पर हमला करे।

25. इसलिए भारत के विभिन्न इलाकों में लोग जंगलों से गुजरते समय अपने सिर के पीछे इंसान के चेहरे की तरह दिखने वाला एक मुखौटा पहनते हैं ताकि शेर पीछे की तरफ से हमला न करे।

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26. माना जाता है की बाघों को 10 से 20 शिकार के प्रयासों में से केवल एक बार ही सफलता मिलती है।

27. शिकार करने के बाद बाघ मादा और शावकों का इंतजार करते हैं, और उनके खाने के बाद ही स्वयं खाते हैं।

28. यह भी देखा गया है की किसी शिकार को खाने के लिए वे आपस में झगड़ा नही करते हैं बल्कि अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

29. वैसे तो बाघ इंसानों को शिकार के तौर पर नही देखते लेकिन किसी प्रकार का खतरा महसूस होने पर या शिकार के लिए अन्य जीव नही मिलने पर ये इंसानों पर भी हमला कर सकते हैं।

30. ये पानी में नहाना भी पसंद करते हैं, यही नही ये एक कुशल तैराक भी होते हैं। ये बड़ी-बड़ी नदियों को पार करने में सक्षम होते हैं। बाघ द्वारा पानी में अब तक एक दिन में सबसे लम्बी दूरी तय करने का रिकॉर्ड लगभग 30 किलोमीटर का है।

टाइगर के बारे में 31 - 40 तथ्य - Facts About Tiger in Hindi

31. कई बार नदी पार करते समय इन पर मगरमच्छ का हमला होता है। मगरमच्छ से निपटने के लिए इन्हें कुछ अलग तरीके से काम करना पड़ता है, ये मगर के गले पर वार नही करते क्योंकि वह बहुत कठोर होता है इसलिए ये मगरमच्छ को उल्टा करके उसके मुलायम पेट पर वार करते हैं, कई बार तो ये आँख फोड़ कर उसे अँधा भी कर देते हैं।

32. आज बाघों की छह उप-प्रजातियां हैं:
  1. साइबेरियाई बाघ (Panthera tigris altaica)
  2. साउथ चाइना बाघ (Panthera tigris amoyensis)
  3. इंडोचाइनीज टाइगर (Panthera tigris corbetti)
  4. मलायण बाघ (Panthera tigris jacksoni)
  5. सुमात्रा टाइगर (Panthera tigris sumatrae)
  6. और बंगाल टाइगर (Panthera tigris tigris)
33. साइबेरियन बाघ (Siberian Tiger) दुनिया के सबसे बड़े बाघ होते हैं, इनकी लम्बाई 3.5 मीटर तक हो सकती है और इसका वजन 300 किलो तक हो सकता है।

34. इसके अलावा सुमात्रा (इंडोनेशिया का एक आइलैंड) में पाए जाने वाला बाघ दुनिया का सबसे छोटा बाघ होता है। एक वयस्क सुमात्रा बाघ की लम्बाई 2 मीटर और वजन केवल 100 किलो होता है।

35. इन 6 उप प्रजातियों के अलावा Tiger के और भी subspecies हुआ करते थे लेकिन पिछले 80 वर्षों में बाघ की तीन उप प्रजातियां शिकार होने की वजह से विलुप्त हो चुकी हैं:
  • बाली बाघ 
  • जावा टाइगर
  • कैस्पियन बाघ
36. बाघों के लार में एंटीसेप्टिक होता है। वे अपने घाव को चाटकर कीटाणुरहित कर सकते हैं।

37. बाघ की याददाश्त इंसानों की तुलना में 30 गुना अधिक होती है।

38. इनके दिमाग का वजन 300 ग्राम होता है।

39. एक वयस्क बाघ एक बार में 40 किलो तक मांस खा सकता है। इसके बाद यह चार या पांच दिनों के लिए दूसरा शिकार नही करता।

40. बाघ बिल्ली की एकमात्र  प्रजाति हैं जिनका शरीर पूरी तरह से धारीदार होता है। शरीर के केवल बालों पर ही नही बल्कि उनकी पूरी त्वचा में भी धारियां बनी होती हैं।


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मंगल ग्रह की 45 रोचक जानकारियाँ - Information About Mars in Hindi

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मंगल ग्रह की जानकारी - Mars information in Hindi

1. मंगल ग्रह (मार्स) पर पृथ्वी जैसे ही अलग-अलग कई मौसम हैं, क्योंकि पृथ्वी की तरह ही यह भी अपने अक्ष पर झुका हुआ है। लेकिन यहाँ हर मौसम का समय धरती की तुलना में दो गुना होता है।

2. मंगल का अपनी धुरी पर झुकाव 25.19 ° है।

3. इस ग्रह का व्यास लगभग 6791 किलोमीटर है।

4. पृथ्वी से देखे जाने की तुलना में सूर्य का आकार मंगल से लगभग आधा ही दिखाई देता है।

5. मंगल के दो चंद्रमा (उपग्रह) हैं, उनके नाम डीमोस (Deimos) और फोबोस (Phobos) हैं।

6. मंगल ग्रह के चंद्रमाओं की खोज 1877 में आसफ हॉल नामक एक अमेरिकी खगोलशास्त्री द्वारा की गई थी।

7. फोबोस चन्द्रमा मंगल ग्रह के बहुत करीब है। वैज्ञानिकों का मानना है गुरुत्वाकर्षण की वजह से एक दिन फोबोस चन्द्रमा से टकराकर बिखर जाएगा और इसके मलबे शनि ग्रह के छल्लों की तरह मंगल के चारों ओर एक छल्ले का निर्माण करेंगे।

8. मंगल ग्रह से सूर्य की दूरी लगभग 1410 लाख मील है।

9. अब तक मंगल ग्रह के सभी अभियानों में से केवल 1/3 ही सफल रहे हैं।

10. मंगल ग्रह को 'लाल ग्रह' क्यों कहते हैं? 
इसे लाल ग्रह के रूप में भी जाना जाता है ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी सतह लाल है।

11. मंगल ग्रह के लाल होने का क्या कारण है?
इसकी वजह यह है कि इसकी सतह पर भारी मात्रा में लौह ऑक्साइड पाया जाता है, जिसे हम आमतौर पर लोहे में लगने वाले जंग के रूप में जानते हैं। इसी की वजह से ही मार्स का रंग लाल दिखाई देता है।

12. अगर सूर्य से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों की हम बात करें तो हमें पृथ्वी पर इन किरणों से जितनी सुरक्षा मिलती है, मार्स पर ऐसी सुरक्षा नहीं मिलती।

13. मार्स में तापमान मौसम के अनुरूप बदलते रहते हैं, यहाँ पूरे वर्ष तापमान -140 डिग्री सेल्सियस से 70.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

14. यहाँ मौसम कभी-कभी खतरनाक भी हो जाते हैं, यहाँ धूल और हवा के भयंकर आंधी तूफ़ान और छोटे-छोटे बवंडर भी आ सकते हैं।

15. ये तूफ़ान कितने प्रभावशाली हो सकते हैं इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं की सन 2001 में, धूल के एक विशाल तूफान ने कई दिनों के लिए पूरे ग्रह को  ही ढँक लिया था।

16. जब ग्रह सूर्य के ज्यादा नजदीक आता है तब ऐसे तूफ़ान और बढ़ जाते हैं।

17. क्या मंगल पर गुरुत्वाकर्षण है? 
हाँ, लेकिन कम द्रव्यमान (mass) की वजह से इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी की तुलना में बहुत कम है।

18. यदि किसी व्यक्ति का वजन धरती पर 45 किलो है तो मंगल पर उसका वजन केवल 17 किलो होगा।

19. क्या मंगल पर ऑक्सीजन है? 
हाँ, लेकिन बहुत ही कम मात्रा में, मार्स के वातावरण में केवल 0.13%  ही ऑक्सीजन है। यहाँ CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड) 95.32%, नाइट्रोजन 2.7%, कार्बन मोनोऑक्साइड 0.08% मौजूद हैं।

20. यदि आप बिना स्पेस सूट के मार्स पर खड़े होंगे तो तुरंत आपकी मृत्यु हो जायेगी।

21. मार्स धरती के मुकाबले सूर्य से दूरी 1.5 गुना (50% अधिक) है।

22. सूर्य से दूर होने के कारण यहाँ का तापमान पृथ्वी की तुलना में बहुत ही कम होता है।

23. मंगल पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में लगभग एक तिहाई है, जिसका अर्थ है कि आप यहाँ धरती की तुलना में तीन गुना ऊँची छलांग लगा सकते हैं।

24. मंगल पर एक साल का समय पृथ्वी के 687 दिन के बराबर होता है।

25. Mariner 9 उपग्रह को 30 मई 1971 को लांच किया गया था जो की 13 नवंबर सन 1971 को मंगल पर पहुंचा और आधिकारिक तौर पर मंगल की कक्षा में जाने वाला पहला कृत्रिम उपग्रह बन गया।

26. जब Mariner 9 मंगल की कक्षा पर पहुँचा तब वहां धुल की भयंकर आंधी आई हुई थी, वैज्ञानिको के अनुसार ऐसा तूफ़ान पहली बार देखा गया था।

27. इस तूफ़ान से उड़े धूल को शांत होने में कई महीने लग गये थे जिसकी वजह से मेरिनर 9 को देर से तस्वीर खीचने के लिए धरती से री-प्रोग्राम करना पड़ा था।

28. मेरिनर 9 मंगल ग्रह की सतह का 100% मानचित्र तैयार करने में सक्षम था और उसने मंगल के चंद्रमाओं फोबोस और डीमोस की पहली नज़दीकी तस्वीरें लीं थीं।

29. 349 दिनों तक मंगल की कक्षा में रहकर इसने मंगल की 7,329 तस्वीरें लीं।

30. इन तस्वीरों में मंगल पर पानी के स्त्रोत, गड्ढे, विशालकाय ज्वालामुखी, कोहरा, पानी और हवा की वजह से बने जंग के निशान आदि देखे जा सकते हैं।

31. मंगल पर पूरे सौर मंडल का अब तक का सबसे बड़ा ज्वालामुखी देखा गया है जिसे ओलम्पस मोंस (Olympus Mons) नाम दिया गया है।

32. ओलम्पस मोंस का आकार 27 किलोमीटर ऊँचा और 600 किलोमीटर चौड़ा है।

33. Viking 1 और 2 सन 1976 में मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक लैंड करने वाला पहला मंगल मिशन है।

34. क्या आपको पता है? मार्च महीने का नाम मार्स से लिया गया है।

35. मंगल ग्रह से पृथ्वी और चंद्रमा नग्न आँखों से देखे जा सकते हैं जो की किसी तारे की तरह दिखाई देते हैं।

36. मंगल ग्रह से आसमान का रंग कैसा दिखाई देता है?
यहाँ आसमान का रंग सूरज उगने और ढलने के समय नीला और दिन में पीला-नारंगी दिखाई देता है। यानि यहाँ आसमान का रंग धरती से जैसा दिखता है ठीक उसके विपरीत होता है।

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मंगल ग्रह की तस्वीर (दोपहर)

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मंगल ग्रह की तस्वीर (सूरज ढलने के समय)

37. क्या मंगल में पानी है?
हाँ, लेकिन ज्यादातर पानी बर्फ के रूप में जमा हुआ है और कुछ मात्रा में यह भाप के रूप में भी वहां के वातावरण में मौजूद है।

38. मार्स पर कोई भी चुम्बकीय क्षेत्र (magnetic field) नही है। हालांकि माना जाता है की आज से लगभग 4 अरब साल पहले यहाँ भी पृथ्वी की तरह चुम्बकीय क्षेत्र पाए जाते थे।

39. पृथ्वी और मंगल के बीच की दूरी बदलती रहती है क्योंकि इसकी कक्षा (orbit) गोल नही बल्कि अंडाकार है।

40. बृहस्पति ग्रह (Jupiter planet) मार्स की कक्षा में बदलाव कर सकता है।

41. क्या आपको पता है? गैलीलियो गैलीली ने 1609 में एक साधारण दूरबीन से  मंग ग्रह का अवलोकन किया था।

42. 2030 के अंत तक नासा द्वारा मंगल पर एक स्वतंत्र कॉलोनी बनाने की योजना है।

43. बुध, बृहस्पति, मंगल, शनि और शुक्र ग्रह को भी यहाँ से नंगी आंखों से देखा जा सकता है।

44. हाल ही में NASA JPL के मार्स ऑर्बिटर द्वारा मंगल की सतह पर कृमि जैसी एलियंस को देखा गया है। यह अंतरिक्ष यान पिछले 11 वर्षों से मंगल की परिक्रमा कर रहा है।

45. क्या आप जानते हैं कि वैज्ञानिक ने मंगल पर पौधों को उगाने की कोशिश की है? हां, और वे टमाटर, मटर और राई उगाने के अपने प्रयास में सफल भी रहे हैं। अब लगता है वह दिन दूर नही जब इंसान मंगल पर अपनी जिंदगी बिताएगा।

तो ये थीं Mars planet की कुछ रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियाँ, मंगल ग्रह के बारे में यह जानकारी (Information About Mars in Hindi) आपको कैसी लगी हमें जरूर बताएं।

नोट: सभी तस्वीरें विकिपीडिया से ली गयी हैं।
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कबूतर के बारे में 25 हैरान करने वाले रोचक तथ्य - Facts About Pigeon in Hindi

Pigeon in Hindi

कबूतर के बारे में 25 रोचक जानकारियां - About Pigeon in Hindi

1. कबूतर पूरी दुनिया में पाए जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक पूरे विश्व में इनकी संख्या लगभग 40 करोड़ है।

2. कबूतर और इंसान का रिश्ता बहुत ही पुराना है, मेसोपोटामिया काल के कुछ अवशेषों में इस बात की पुष्टि होती है की आज से लगभग 5000 साल पहले भी कबूतर मनुष्यों के करीब हुआ करते थे। कई विद्वानों का यह भी मानना है की कबूतर और इन्सान 10,000 साल से साथ रहते आ रहे हैं।

3. कबूतर 6000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं।

5. इनकी उड़ने की रफ़्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

6. कबूतरों में सुनने की उत्कृष्ट क्षमता होती है। वे मनुष्यों की तुलना में कम फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनियों को भी सुन सकते हैं और इस प्रकार दूर से ही तूफानों और ज्वालामुखियों का भी अंदाजा लगा सकते हैं।

Kabootar ki photo


7. इनकी देखने की क्षमता असाधारण है, ये 26 मील की दूरी पर वस्तुओं की पहचान करने में सक्षम हैं।

8. वैसे तो सामान्यतः इनकी उम्र 20 तक होती है लेकिन कई बारे इससे अधिक उम्र तक भी जीवित रहते हैं। यह निर्भर करता है उनके खान-पान और पर्यावरण पर। अब तक का सबसे अधिक उम्र वाला कबूतर 25 साल का है।

9. कबूतर ही एक इकलौती प्रजाति है जिसने "मिरर टेस्ट" (यानि आईने में खुद को पहचानने की परीक्षा) पास कर चुका है।

10. ये अपना रास्ता कभी नही भूलते, ये पक्षी 2000 किलोमीटर दूर जा कर उसी रास्ते वापस भी आ सकते हैं। कहा जाता है की ये सूरज की रौशनी और मैग्नेटिक फील्ड के जरिये सही दिशा का पता लगाते हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि वे इंसानों द्वारा बनाये गये लैंडमार्क और मानव निर्मित सड़कों का भी उपयोग करते हैं, यहां तक ​​कि मोड़ और चौराहों पर अपनी दिशा भी बदलते हैं।

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11. क्या आपने कभी कबूतर के चूजों को देखा है? आपने शायद ही देखा होगा, ये बहुत ही खूबसूरत होते हैं लेकिन बहुत ही कम दिखाई देते हैं। दरअसल मादा अपने बच्चे को तब तक बाहर निकलने नही देतीं जब तक की उसका पर्याप्त विकास न हो जाए।

12. ये एक बार में 1 से 3 अंडे दे सकते हैं, लेकिन देखा गया है की ये एक बार में ज्यादातर 2 अंडे देते हैं और उसमे से निकलने वाले दोनों चूजों को एक साथ पालते हैं।

13. अंडे से निकलने में चूजों को 25 से 32 दिन लगते हैं।

14. बच्चे के पालन-पोषण में नर और मादा दोनों की जिम्मेदारी बराबर होती है। अंडे सेना, बच्चे को दूध पिलाना और उनकी देखभाल करना माता-पिता दोनों का काम होता है।

15. कबूतर एक ऐसी प्रजाति है जिसमे नर और मादा दोनों अपने बच्चे को दूध पिला सकते हैं। इनके दूध को क्रॉप मिल्क कहा जाता है।

16. कबूतरों को रोजाना लगभग 1 औंस (30 मिली) पानी की आवश्यकता होती है। वे ज्यादातर मुक्त पानी पर भरोसा करते हैं लेकिन वे पानी प्राप्त करने के लिए बर्फ का उपयोग भी कर सकते हैं।

Pigeon facts in Hindi


17. कबूतर हम इंसानों को पहचान सकते हैं और इन्हें लम्बे समय तक इंसानी चेहरे याद रहते हैं।

18. यहाँ तक की ये तस्वीरों को भी पहचान सकते हैं, तस्वीर में अलग-अलग व्यक्तियों को भी पहचाने में ये सक्षम होते हैं।

19. एक अध्ययन में पाया गया कि कबूतरों को वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर को पहचानना सिखाया जा सकता है और वे कठिन से कठिन अक्षरों को भी पहचान सकते हैं।

20. एक रिसर्च में यह भी पाया गया की इन्हें गणित भी सिखाया जा सकता है। ये अंको को पहचान सकते हैं, वस्तुओं के बीच संख्यात्मक अंतर बता सकते हैं, चीजों को क्रम में जमा सकते हैं। इनकी गणितीय क्षमता किसी बंदर से कम नही होती।

21. कबूतर अत्यधिक मिलनसार पक्षी हैं। उन्हें अक्सर 20-30 पक्षियों के झुंड में देखा जा सकता है।

22. प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कबूतरों को सन्देश वाहक के रूप में इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने दुश्मन के हमले की जानकारी पहुँचा कर कई लोगों की जान बचाई थी।

23. किसी जमाने में कबूतरों का उपयोग एरियल फोटोग्राफी में भी किया गया है। सन 1907 में, जूलियस नूब्रोनर नामक एक जर्मन फार्मासिस्ट ने एक विशेष प्रकार का कैमरा बनाया जिसे पक्षी के गले बंधा जा सकता था। इन हल्के, टाइमर कैमरा का उपयोग कबूतरों द्वारा ऊंचाई से दुर्लभ तस्वीरें खीचने के लिए किया गया। इससे पहले, ऐसी तस्वीरों को केवल गुब्बारे या पतंग का उपयोग करके कैप्चर किया जा सकता था।

24. कबूतरों की आबादी में आमतौर पर पुरुषों और महिलाओं की समान संख्या होती है। जब आबादी अचानक कम हो जाती है, तो कबूतर जल्द ही बच्चे पैदा कर संख्या को बराबर कर लेते हैं।

25. वैसे तो कबूतर कहीं भी रह सकते हैं जहाँ इन्हें पर्याप्त भोजन और पानी मिल जाय, लेकिन यह देखा गया है की ये हम मनुष्यों पर ज्यादा निर्भर होते हैं। ये अपना घोसला इंसानी इलाकों में बनाना पसंद करते हैं।

कबूतर पक्षी से जुड़े ये रोचक तथ्य आपको कैसे लगे? नीचे कमेंट करके हमें जरूर बताएं।
  
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तेंदुए के बारे में 21 रोचक जानकारियाँ - Leopard in Hindi

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तेंदुए के बारे में 21 रोचक तथ्य - Facts about Leopard in Hindi

1. तेंदुए (लेपर्ड) अफ्रीका, मध्य एशिया, कोरिया, मलेशिया, भारत और चीन सहित दुनिया के लगभग हर हिस्से में पाए जाते हैं।

2. तेंदुआ की आँखों की रेटिना कुछ इस प्रकार होती है की ये अंधेरे में इंसानों की तुलना में सात गुना बेहतर देख तरीके से सकते हैं।

3. इनके कान भी बहुत तेज़ होते हैं, ये हम आम इंसानों की तुलना में 5 गुना ज्यादा सुन सकते हैं।

4. ये अपना ज्यादातर शिकार रात के समय करते हैं और दिन के समय पेड़ों पर आराम करना पसंद करते हैं।

Facts about Leopard in Hindi

5. अलग-अलग इलाके के तेंदुओं का आकार अलग-अलग हो सकता है, अगर भारतीय तेंदुए की बात करें तो नर तेंदुआ आकार में 4 फीट 2 इंच से 4 फीट 8 इंच तक होता है और इसके 2 फीट 6 इंच से 3 फीट तक लंबी पूंछ होती है,  इनका वजन 55-77 किलो के बीच होता है।

6. भारत की मादा तेंदुओं की बात करें तो इनका आकार 3 फीट 5 इंच और 3 फीट 10 इंच के बीच होता है। इनकी 2 फीट 6 इंच से 2 फीट 10.5 इंच तक लंबी पूंछ होती है, और इनका वजन 29 से 34 किग्रा तक होता है।

7. तेंदुआ की रफ़्तार बहुत तेज़ होती है, वे 58 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

8. तेंदुए 6 मीटर की दूर तक छलांग लगा सकते हैं और 3 मीटर की ऊंचाई तक उछल सकते हैं।

9. इन्हें नदियों में तैरते हुए भी देखा जा सकता है, ये बहुत ही बढिया तैराक भी होते हैं।

10. तेंदुए बहुत ही चालाक होते हैं, कई बारे वे जंगल में रहस्यमय तरीके से छिप जाते हैं और उन्हें ढूंढ पाना नामुमकिन सा हो जाता है।

11. तेंदुए माँसाहारी जानवर हैं और वे ताज़ा मांस ही खाना पसंद करते हैं। ये इलाके के अनुसार विभिन्न प्रकार के जीवों का शिकार करते हैं। उदाहरण के लिए, दक्षिणी अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में उनके आहार में 80% रॉक हाईरेक्स (खरगोश) शामिल हैं। कालाहारी रेगिस्तान में वे लोमड़ी को भोजन बनाते हैं। इसके अलावा वे मछली, कीड़े, सरीसृप, पक्षी, साही, बबून और बंदर जैसे जीवों को भी खाते हैं।

12. इनके शिकार करने का तरीका बहुत ही खतरनाक होता है, ये घात लगा कर शिकार करते हैं और अपने शिकार को प्रतिक्रिया के लिए पल भर भी मौक़ा नही देते। ये सीधे गले पर वार करते हैं और उसे अपने जबड़े से तोड़ कर एक झटके में जान ले लेते हैं।

13. वे पेंड़ पर चढ़ने में काफी कुशल होते हैं, यहाँ तक की वे अपने से ज्यादा भारी शिकार को भी घसीट कर पेंड़ पर चढ़ा देते हैं।

14. वे ज्यादातर अपना शिकार पेंड़ के तने पर ले जाकर खाना पसंद करते हैं ताकि कोई शिकारी या मृत शरीर खाने वाला जानवर उसे परेशान न कर सके।

15. तेंदुए एकांत प्रिय जानवर होते हैं, हमेशा अकेले रहना पसंद करते हैं। वे अपने इलाके में पेड़ों पर अपने पंजे का निशान बना कर अपना क्षेत्र निर्धारित करते हैं जिसमें वे किसी दूसरे तेंदुए को घुसने नही देते।

16. जब तेंदुए गुस्से में होते हैं वे अपने दुश्मनों पर गरजते हैं। वे अलग-अलग प्रकार की आवाजें निकाल सकते हैं, कभी गुर्राते हैं तो कभी खांस कर अपने होने का एहसास कराते हैं।

17. तेंदुए में अनुकूलनशीलता बहुत अधिक होने के कारण इन्हें जंगल, पहाड़, रेगिस्तान जैसे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में देखा जा सकता है। इसका एक उदाहरण हिम तेंदुए हैं जो की बर्फीले हिमालय जैसे दुर्गम स्थानों में पाए जाते हैं।
Snow Leopard in Hindi

18. मादा तेंदुए एक बार में 2 से 6 बच्चे पैदा करते हैं। बच्चे पैदा होने के बाद उन्हें लगभग 8 हफ्तों तक छिपा कर रखा जाता है ताकि उन्हें शिकारियों से बचाया जा सके।

19. मादा अपने बच्चे को छिपाने के लिए कई प्रकार के स्थानों जैसे गहरे घने जंगल, तंग गलियों, दीमक के पुराने टीलों, गहरी खाई के निचले हिस्से जैसे जगहों पर शरण लेते हैं। इसके अलावा वे समय-समय पर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं।

20. नेशनल ज्योग्राफिक के कार्यक्रम "आई ऑफ़ द लेपर्ड" को फिल्माने के दौरान एक विचित्र घटना देखी गयी, एक जंगली तेंदुए ने एक बबून (एक प्रकार का बन्दर) को खाने के लिए मार डाला। इसके बाद एक शिशु बबून को मरे हुए बबून से चिपके हुए देख कर, तेंदुए ने शिशु को पेड़ पर चढ़ाकर दुसरे शिकारी जानवरों से उसकी सुरक्षा की। उसने पूरी रात बच्चे की देखभाल की और उसे कुछ इस तरह सीने से लगा के रखा जैसे वह खुदका बच्चा हो।

21. तेंदुओं को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। अपने शिकार को खाने से मिलने वाली नमी ही उनके लिए पर्याप्त होती है।

तेंदुआ और चीता में क्या अंतर है?

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  • इन सभी के बीच मुख्य अंतर इनके शरीर पर बने हुए निशान हैं। चीते के शरीर में गोल-गोल काले रंग के स्पष्ट निशान बने होते हैं। जबकि तेंदुओं के पास काले और भूरे रंग के धब्बों का एक अधिक जटिल समूह होता है।
  • चीता के चेहरे पर हम आंखों के कोनों से उनके मुंह तक चलने वाली काली आंसू की रेखा देख सकते हैं। तेंदुए के पास ऐसे निशान नहीं होते हैं।
  • चीते की रफ्तार तेंदुए से अधिक होती है यही वजह है की चीता अपने शिकार को दौड़ा कर पकड़ता है जबकि तेंदुआ घात लगा कर शिकार करता है। 
  • तेंदुआ दहाड़ता है जबकि चीता दहाड़ नहीं सकता।
  • तेंदुओं का शरीर चीते के मुकाबले ज्यादा भारी और मोटा होता है। जबकि चीते पतले-दुबले होते हैं।
  • तेंदुओं की पूँछ ऊपर की तरफ थोड़ी मुड़ी हुई होती है जबकि चीते की पूँछ नीचे की तरफ सीधी होती है।

तेंदुआ और बाघ में क्या अंतर है? 

  • बाघों के शरीर सफेद या नारंगी होते हैं और उनपर गहरे ऊर्ध्वाधर धारियां बनी होती हैं। जबकि लेपर्ड यानि तेंदुए के शरीर में धब्बे बने होते हैं।
  • बाघ का वजन तेंदुए से 3-5 गुना ज्यादा भारी होता है।
  • लेपर्ड की तुलना में बाघ ज्यादा कुशल तैराक होते हैं।
  • तेंदुए पेड़ों पर चढ़ने के लिए जाने जाते हैं। बाघ इस काम में कच्चा है।
  • अगर ताकत की बात करें तो बाघ अधिक शक्तिशाली होता है।
  • लेपर्ड किसी बाघ की तुलना में कम दहाड़ता है।
उम्मीद है आपको तेंदुआ के बारे में ये जानकारियाँ पसंद आई होंगी। आप अपने विचार नीचे कमेंट के माध्यम से हम तक जरुर पहुंचाएं।
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