मंगल ग्रह की 45 रोचक जानकारियाँ - Information About Mars in Hindi

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मंगल ग्रह की जानकारी - Mars information in Hindi

1. मंगल ग्रह (मार्स) पर पृथ्वी जैसे ही अलग-अलग कई मौसम हैं, क्योंकि पृथ्वी की तरह ही यह भी अपने अक्ष पर झुका हुआ है। लेकिन यहाँ हर मौसम का समय धरती की तुलना में दो गुना होता है।

2. मंगल का अपनी धुरी पर झुकाव 25.19 ° है।

3. इस ग्रह का व्यास लगभग 6791 किलोमीटर है।

4. पृथ्वी से देखे जाने की तुलना में सूर्य का आकार मंगल से लगभग आधा ही दिखाई देता है।

5. मंगल के दो चंद्रमा (उपग्रह) हैं, उनके नाम डीमोस (Deimos) और फोबोस (Phobos) हैं।

6. मंगल ग्रह के चंद्रमाओं की खोज 1877 में आसफ हॉल नामक एक अमेरिकी खगोलशास्त्री द्वारा की गई थी।

7. फोबोस चन्द्रमा मंगल ग्रह के बहुत करीब है। वैज्ञानिकों का मानना है गुरुत्वाकर्षण की वजह से एक दिन फोबोस चन्द्रमा से टकराकर बिखर जाएगा और इसके मलबे शनि ग्रह के छल्लों की तरह मंगल के चारों ओर एक छल्ले का निर्माण करेंगे।

8. मंगल ग्रह से सूर्य की दूरी लगभग 1410 लाख मील है।

9. अब तक मंगल ग्रह के सभी अभियानों में से केवल 1/3 ही सफल रहे हैं।

10. मंगल ग्रह को 'लाल ग्रह' क्यों कहते हैं? 
इसे लाल ग्रह के रूप में भी जाना जाता है ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी सतह लाल है।

11. मंगल ग्रह के लाल होने का क्या कारण है?
इसकी वजह यह है कि इसकी सतह पर भारी मात्रा में लौह ऑक्साइड पाया जाता है, जिसे हम आमतौर पर लोहे में लगने वाले जंग के रूप में जानते हैं। इसी की वजह से ही मार्स का रंग लाल दिखाई देता है।

12. अगर सूर्य से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों की हम बात करें तो हमें पृथ्वी पर इन किरणों से जितनी सुरक्षा मिलती है, मार्स पर ऐसी सुरक्षा नहीं मिलती।

13. मार्स में तापमान मौसम के अनुरूप बदलते रहते हैं, यहाँ पूरे वर्ष तापमान -140 डिग्री सेल्सियस से 70.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

14. यहाँ मौसम कभी-कभी खतरनाक भी हो जाते हैं, यहाँ धूल और हवा के भयंकर आंधी तूफ़ान और छोटे-छोटे बवंडर भी आ सकते हैं।

15. ये तूफ़ान कितने प्रभावशाली हो सकते हैं इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं की सन 2001 में, धूल के एक विशाल तूफान ने कई दिनों के लिए पूरे ग्रह को  ही ढँक लिया था।

16. जब ग्रह सूर्य के ज्यादा नजदीक आता है तब ऐसे तूफ़ान और बढ़ जाते हैं।

17. क्या मंगल पर गुरुत्वाकर्षण है? 
हाँ, लेकिन कम द्रव्यमान (mass) की वजह से इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी की तुलना में बहुत कम है।

18. यदि किसी व्यक्ति का वजन धरती पर 45 किलो है तो मंगल पर उसका वजन केवल 17 किलो होगा।

19. क्या मंगल पर ऑक्सीजन है? 
हाँ, लेकिन बहुत ही कम मात्रा में, मार्स के वातावरण में केवल 0.13%  ही ऑक्सीजन है। यहाँ CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड) 95.32%, नाइट्रोजन 2.7%, कार्बन मोनोऑक्साइड 0.08% मौजूद हैं।

20. यदि आप बिना स्पेस सूट के मार्स पर खड़े होंगे तो तुरंत आपकी मृत्यु हो जायेगी।

21. मार्स धरती के मुकाबले सूर्य से दूरी 1.5 गुना (50% अधिक) है।

22. सूर्य से दूर होने के कारण यहाँ का तापमान पृथ्वी की तुलना में बहुत ही कम होता है।

23. मंगल पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में लगभग एक तिहाई है, जिसका अर्थ है कि आप यहाँ धरती की तुलना में तीन गुना ऊँची छलांग लगा सकते हैं।

24. मंगल पर एक साल का समय पृथ्वी के 687 दिन के बराबर होता है।

25. Mariner 9 उपग्रह को 30 मई 1971 को लांच किया गया था जो की 13 नवंबर सन 1971 को मंगल पर पहुंचा और आधिकारिक तौर पर मंगल की कक्षा में जाने वाला पहला कृत्रिम उपग्रह बन गया।

26. जब Mariner 9 मंगल की कक्षा पर पहुँचा तब वहां धुल की भयंकर आंधी आई हुई थी, वैज्ञानिको के अनुसार ऐसा तूफ़ान पहली बार देखा गया था।

27. इस तूफ़ान से उड़े धूल को शांत होने में कई महीने लग गये थे जिसकी वजह से मेरिनर 9 को देर से तस्वीर खीचने के लिए धरती से री-प्रोग्राम करना पड़ा था।

28. मेरिनर 9 मंगल ग्रह की सतह का 100% मानचित्र तैयार करने में सक्षम था और उसने मंगल के चंद्रमाओं फोबोस और डीमोस की पहली नज़दीकी तस्वीरें लीं थीं।

29. 349 दिनों तक मंगल की कक्षा में रहकर इसने मंगल की 7,329 तस्वीरें लीं।

30. इन तस्वीरों में मंगल पर पानी के स्त्रोत, गड्ढे, विशालकाय ज्वालामुखी, कोहरा, पानी और हवा की वजह से बने जंग के निशान आदि देखे जा सकते हैं।

31. मंगल पर पूरे सौर मंडल का अब तक का सबसे बड़ा ज्वालामुखी देखा गया है जिसे ओलम्पस मोंस (Olympus Mons) नाम दिया गया है।

32. ओलम्पस मोंस का आकार 27 किलोमीटर ऊँचा और 600 किलोमीटर चौड़ा है।

33. Viking 1 और 2 सन 1976 में मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक लैंड करने वाला पहला मंगल मिशन है।

34. क्या आपको पता है? मार्च महीने का नाम मार्स से लिया गया है।

35. मंगल ग्रह से पृथ्वी और चंद्रमा नग्न आँखों से देखे जा सकते हैं जो की किसी तारे की तरह दिखाई देते हैं।

36. मंगल ग्रह से आसमान का रंग कैसा दिखाई देता है?
यहाँ आसमान का रंग सूरज उगने और ढलने के समय नीला और दिन में पीला-नारंगी दिखाई देता है। यानि यहाँ आसमान का रंग धरती से जैसा दिखता है ठीक उसके विपरीत होता है।

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मंगल ग्रह की तस्वीर (दोपहर)

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मंगल ग्रह की तस्वीर (सूरज ढलने के समय)

37. क्या मंगल में पानी है?
हाँ, लेकिन ज्यादातर पानी बर्फ के रूप में जमा हुआ है और कुछ मात्रा में यह भाप के रूप में भी वहां के वातावरण में मौजूद है।

38. मार्स पर कोई भी चुम्बकीय क्षेत्र (magnetic field) नही है। हालांकि माना जाता है की आज से लगभग 4 अरब साल पहले यहाँ भी पृथ्वी की तरह चुम्बकीय क्षेत्र पाए जाते थे।

39. पृथ्वी और मंगल के बीच की दूरी बदलती रहती है क्योंकि इसकी कक्षा (orbit) गोल नही बल्कि अंडाकार है।

40. बृहस्पति ग्रह (Jupiter planet) मार्स की कक्षा में बदलाव कर सकता है।

41. क्या आपको पता है? गैलीलियो गैलीली ने 1609 में एक साधारण दूरबीन से  मंग ग्रह का अवलोकन किया था।

42. 2030 के अंत तक नासा द्वारा मंगल पर एक स्वतंत्र कॉलोनी बनाने की योजना है।

43. बुध, बृहस्पति, मंगल, शनि और शुक्र ग्रह को भी यहाँ से नंगी आंखों से देखा जा सकता है।

44. हाल ही में NASA JPL के मार्स ऑर्बिटर द्वारा मंगल की सतह पर कृमि जैसी एलियंस को देखा गया है। यह अंतरिक्ष यान पिछले 11 वर्षों से मंगल की परिक्रमा कर रहा है।

45. क्या आप जानते हैं कि वैज्ञानिक ने मंगल पर पौधों को उगाने की कोशिश की है? हां, और वे टमाटर, मटर और राई उगाने के अपने प्रयास में सफल भी रहे हैं। अब लगता है वह दिन दूर नही जब इंसान मंगल पर अपनी जिंदगी बिताएगा।

तो ये थीं Mars planet की कुछ रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियाँ, मंगल ग्रह के बारे में यह जानकारी (Information About Mars in Hindi) आपको कैसी लगी हमें जरूर बताएं।

नोट: सभी तस्वीरें विकिपीडिया से ली गयी हैं।
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कबूतर के बारे में 25 हैरान करने वाले रोचक तथ्य - Facts About Pigeon in Hindi

Pigeon in Hindi

कबूतर के बारे में 25 रोचक जानकारियां - About Pigeon in Hindi

1. कबूतर पूरी दुनिया में पाए जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक पूरे विश्व में इनकी संख्या लगभग 40 करोड़ है।

2. कबूतर और इंसान का रिश्ता बहुत ही पुराना है, मेसोपोटामिया काल के कुछ अवशेषों में इस बात की पुष्टि होती है की आज से लगभग 5000 साल पहले भी कबूतर मनुष्यों के करीब हुआ करते थे। कई विद्वानों का यह भी मानना है की कबूतर और इन्सान 10,000 साल से साथ रहते आ रहे हैं।

3. कबूतर 6000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं।

5. इनकी उड़ने की रफ़्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

6. कबूतरों में सुनने की उत्कृष्ट क्षमता होती है। वे मनुष्यों की तुलना में कम फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनियों को भी सुन सकते हैं और इस प्रकार दूर से ही तूफानों और ज्वालामुखियों का भी अंदाजा लगा सकते हैं।

Kabootar ki photo


7. इनकी देखने की क्षमता असाधारण है, ये 26 मील की दूरी पर वस्तुओं की पहचान करने में सक्षम हैं।

8. वैसे तो सामान्यतः इनकी उम्र 20 तक होती है लेकिन कई बारे इससे अधिक उम्र तक भी जीवित रहते हैं। यह निर्भर करता है उनके खान-पान और पर्यावरण पर। अब तक का सबसे अधिक उम्र वाला कबूतर 25 साल का है।

9. कबूतर ही एक इकलौती प्रजाति है जिसने "मिरर टेस्ट" (यानि आईने में खुद को पहचानने की परीक्षा) पास कर चुका है।

10. ये अपना रास्ता कभी नही भूलते, ये पक्षी 2000 किलोमीटर दूर जा कर उसी रास्ते वापस भी आ सकते हैं। कहा जाता है की ये सूरज की रौशनी और मैग्नेटिक फील्ड के जरिये सही दिशा का पता लगाते हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि वे इंसानों द्वारा बनाये गये लैंडमार्क और मानव निर्मित सड़कों का भी उपयोग करते हैं, यहां तक ​​कि मोड़ और चौराहों पर अपनी दिशा भी बदलते हैं।

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11. क्या आपने कभी कबूतर के चूजों को देखा है? आपने शायद ही देखा होगा, ये बहुत ही खूबसूरत होते हैं लेकिन बहुत ही कम दिखाई देते हैं। दरअसल मादा अपने बच्चे को तब तक बाहर निकलने नही देतीं जब तक की उसका पर्याप्त विकास न हो जाए।

12. ये एक बार में 1 से 3 अंडे दे सकते हैं, लेकिन देखा गया है की ये एक बार में ज्यादातर 2 अंडे देते हैं और उसमे से निकलने वाले दोनों चूजों को एक साथ पालते हैं।

13. अंडे से निकलने में चूजों को 25 से 32 दिन लगते हैं।

14. बच्चे के पालन-पोषण में नर और मादा दोनों की जिम्मेदारी बराबर होती है। अंडे सेना, बच्चे को दूध पिलाना और उनकी देखभाल करना माता-पिता दोनों का काम होता है।

15. कबूतर एक ऐसी प्रजाति है जिसमे नर और मादा दोनों अपने बच्चे को दूध पिला सकते हैं। इनके दूध को क्रॉप मिल्क कहा जाता है।

16. कबूतरों को रोजाना लगभग 1 औंस (30 मिली) पानी की आवश्यकता होती है। वे ज्यादातर मुक्त पानी पर भरोसा करते हैं लेकिन वे पानी प्राप्त करने के लिए बर्फ का उपयोग भी कर सकते हैं।

Pigeon facts in Hindi


17. कबूतर हम इंसानों को पहचान सकते हैं और इन्हें लम्बे समय तक इंसानी चेहरे याद रहते हैं।

18. यहाँ तक की ये तस्वीरों को भी पहचान सकते हैं, तस्वीर में अलग-अलग व्यक्तियों को भी पहचाने में ये सक्षम होते हैं।

19. एक अध्ययन में पाया गया कि कबूतरों को वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर को पहचानना सिखाया जा सकता है और वे कठिन से कठिन अक्षरों को भी पहचान सकते हैं।

20. एक रिसर्च में यह भी पाया गया की इन्हें गणित भी सिखाया जा सकता है। ये अंको को पहचान सकते हैं, वस्तुओं के बीच संख्यात्मक अंतर बता सकते हैं, चीजों को क्रम में जमा सकते हैं। इनकी गणितीय क्षमता किसी बंदर से कम नही होती।

21. कबूतर अत्यधिक मिलनसार पक्षी हैं। उन्हें अक्सर 20-30 पक्षियों के झुंड में देखा जा सकता है।

22. प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कबूतरों को सन्देश वाहक के रूप में इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने दुश्मन के हमले की जानकारी पहुँचा कर कई लोगों की जान बचाई थी।

23. किसी जमाने में कबूतरों का उपयोग एरियल फोटोग्राफी में भी किया गया है। सन 1907 में, जूलियस नूब्रोनर नामक एक जर्मन फार्मासिस्ट ने एक विशेष प्रकार का कैमरा बनाया जिसे पक्षी के गले बंधा जा सकता था। इन हल्के, टाइमर कैमरा का उपयोग कबूतरों द्वारा ऊंचाई से दुर्लभ तस्वीरें खीचने के लिए किया गया। इससे पहले, ऐसी तस्वीरों को केवल गुब्बारे या पतंग का उपयोग करके कैप्चर किया जा सकता था।

24. कबूतरों की आबादी में आमतौर पर पुरुषों और महिलाओं की समान संख्या होती है। जब आबादी अचानक कम हो जाती है, तो कबूतर जल्द ही बच्चे पैदा कर संख्या को बराबर कर लेते हैं।

25. वैसे तो कबूतर कहीं भी रह सकते हैं जहाँ इन्हें पर्याप्त भोजन और पानी मिल जाय, लेकिन यह देखा गया है की ये हम मनुष्यों पर ज्यादा निर्भर होते हैं। ये अपना घोसला इंसानी इलाकों में बनाना पसंद करते हैं।

कबूतर पक्षी से जुड़े ये रोचक तथ्य आपको कैसे लगे? नीचे कमेंट करके हमें जरूर बताएं।
  
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तेंदुए के बारे में 21 रोचक जानकारियाँ - Leopard in Hindi

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तेंदुए के बारे में 21 रोचक तथ्य - Facts about Leopard in Hindi

1. तेंदुए (लेपर्ड) अफ्रीका, मध्य एशिया, कोरिया, मलेशिया, भारत और चीन सहित दुनिया के लगभग हर हिस्से में पाए जाते हैं।

2. तेंदुआ की आँखों की रेटिना कुछ इस प्रकार होती है की ये अंधेरे में इंसानों की तुलना में सात गुना बेहतर देख तरीके से सकते हैं।

3. इनके कान भी बहुत तेज़ होते हैं, ये हम आम इंसानों की तुलना में 5 गुना ज्यादा सुन सकते हैं।

4. ये अपना ज्यादातर शिकार रात के समय करते हैं और दिन के समय पेड़ों पर आराम करना पसंद करते हैं।

Facts about Leopard in Hindi

5. अलग-अलग इलाके के तेंदुओं का आकार अलग-अलग हो सकता है, अगर भारतीय तेंदुए की बात करें तो नर तेंदुआ आकार में 4 फीट 2 इंच से 4 फीट 8 इंच तक होता है और इसके 2 फीट 6 इंच से 3 फीट तक लंबी पूंछ होती है,  इनका वजन 55-77 किलो के बीच होता है।

6. भारत की मादा तेंदुओं की बात करें तो इनका आकार 3 फीट 5 इंच और 3 फीट 10 इंच के बीच होता है। इनकी 2 फीट 6 इंच से 2 फीट 10.5 इंच तक लंबी पूंछ होती है, और इनका वजन 29 से 34 किग्रा तक होता है।

7. तेंदुआ की रफ़्तार बहुत तेज़ होती है, वे 58 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

8. तेंदुए 6 मीटर की दूर तक छलांग लगा सकते हैं और 3 मीटर की ऊंचाई तक उछल सकते हैं।

9. इन्हें नदियों में तैरते हुए भी देखा जा सकता है, ये बहुत ही बढिया तैराक भी होते हैं।

10. तेंदुए बहुत ही चालाक होते हैं, कई बारे वे जंगल में रहस्यमय तरीके से छिप जाते हैं और उन्हें ढूंढ पाना नामुमकिन सा हो जाता है।

11. तेंदुए माँसाहारी जानवर हैं और वे ताज़ा मांस ही खाना पसंद करते हैं। ये इलाके के अनुसार विभिन्न प्रकार के जीवों का शिकार करते हैं। उदाहरण के लिए, दक्षिणी अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में उनके आहार में 80% रॉक हाईरेक्स (खरगोश) शामिल हैं। कालाहारी रेगिस्तान में वे लोमड़ी को भोजन बनाते हैं। इसके अलावा वे मछली, कीड़े, सरीसृप, पक्षी, साही, बबून और बंदर जैसे जीवों को भी खाते हैं।

12. इनके शिकार करने का तरीका बहुत ही खतरनाक होता है, ये घात लगा कर शिकार करते हैं और अपने शिकार को प्रतिक्रिया के लिए पल भर भी मौक़ा नही देते। ये सीधे गले पर वार करते हैं और उसे अपने जबड़े से तोड़ कर एक झटके में जान ले लेते हैं।

13. वे पेंड़ पर चढ़ने में काफी कुशल होते हैं, यहाँ तक की वे अपने से ज्यादा भारी शिकार को भी घसीट कर पेंड़ पर चढ़ा देते हैं।

14. वे ज्यादातर अपना शिकार पेंड़ के तने पर ले जाकर खाना पसंद करते हैं ताकि कोई शिकारी या मृत शरीर खाने वाला जानवर उसे परेशान न कर सके।

15. तेंदुए एकांत प्रिय जानवर होते हैं, हमेशा अकेले रहना पसंद करते हैं। वे अपने इलाके में पेड़ों पर अपने पंजे का निशान बना कर अपना क्षेत्र निर्धारित करते हैं जिसमें वे किसी दूसरे तेंदुए को घुसने नही देते।

16. जब तेंदुए गुस्से में होते हैं वे अपने दुश्मनों पर गरजते हैं। वे अलग-अलग प्रकार की आवाजें निकाल सकते हैं, कभी गुर्राते हैं तो कभी खांस कर अपने होने का एहसास कराते हैं।

17. तेंदुए में अनुकूलनशीलता बहुत अधिक होने के कारण इन्हें जंगल, पहाड़, रेगिस्तान जैसे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में देखा जा सकता है। इसका एक उदाहरण हिम तेंदुए हैं जो की बर्फीले हिमालय जैसे दुर्गम स्थानों में पाए जाते हैं।
Snow Leopard in Hindi

18. मादा तेंदुए एक बार में 2 से 6 बच्चे पैदा करते हैं। बच्चे पैदा होने के बाद उन्हें लगभग 8 हफ्तों तक छिपा कर रखा जाता है ताकि उन्हें शिकारियों से बचाया जा सके।

19. मादा अपने बच्चे को छिपाने के लिए कई प्रकार के स्थानों जैसे गहरे घने जंगल, तंग गलियों, दीमक के पुराने टीलों, गहरी खाई के निचले हिस्से जैसे जगहों पर शरण लेते हैं। इसके अलावा वे समय-समय पर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं।

20. नेशनल ज्योग्राफिक के कार्यक्रम "आई ऑफ़ द लेपर्ड" को फिल्माने के दौरान एक विचित्र घटना देखी गयी, एक जंगली तेंदुए ने एक बबून (एक प्रकार का बन्दर) को खाने के लिए मार डाला। इसके बाद एक शिशु बबून को मरे हुए बबून से चिपके हुए देख कर, तेंदुए ने शिशु को पेड़ पर चढ़ाकर दुसरे शिकारी जानवरों से उसकी सुरक्षा की। उसने पूरी रात बच्चे की देखभाल की और उसे कुछ इस तरह सीने से लगा के रखा जैसे वह खुदका बच्चा हो।

21. तेंदुओं को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। अपने शिकार को खाने से मिलने वाली नमी ही उनके लिए पर्याप्त होती है।

तेंदुआ और चीता में क्या अंतर है?

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  • इन सभी के बीच मुख्य अंतर इनके शरीर पर बने हुए निशान हैं। चीते के शरीर में गोल-गोल काले रंग के स्पष्ट निशान बने होते हैं। जबकि तेंदुओं के पास काले और भूरे रंग के धब्बों का एक अधिक जटिल समूह होता है।
  • चीता के चेहरे पर हम आंखों के कोनों से उनके मुंह तक चलने वाली काली आंसू की रेखा देख सकते हैं। तेंदुए के पास ऐसे निशान नहीं होते हैं।
  • चीते की रफ्तार तेंदुए से अधिक होती है यही वजह है की चीता अपने शिकार को दौड़ा कर पकड़ता है जबकि तेंदुआ घात लगा कर शिकार करता है। 
  • तेंदुआ दहाड़ता है जबकि चीता दहाड़ नहीं सकता।
  • तेंदुओं का शरीर चीते के मुकाबले ज्यादा भारी और मोटा होता है। जबकि चीते पतले-दुबले होते हैं।
  • तेंदुओं की पूँछ ऊपर की तरफ थोड़ी मुड़ी हुई होती है जबकि चीते की पूँछ नीचे की तरफ सीधी होती है।

तेंदुआ और बाघ में क्या अंतर है? 

  • बाघों के शरीर सफेद या नारंगी होते हैं और उनपर गहरे ऊर्ध्वाधर धारियां बनी होती हैं। जबकि लेपर्ड यानि तेंदुए के शरीर में धब्बे बने होते हैं।
  • बाघ का वजन तेंदुए से 3-5 गुना ज्यादा भारी होता है।
  • लेपर्ड की तुलना में बाघ ज्यादा कुशल तैराक होते हैं।
  • तेंदुए पेड़ों पर चढ़ने के लिए जाने जाते हैं। बाघ इस काम में कच्चा है।
  • अगर ताकत की बात करें तो बाघ अधिक शक्तिशाली होता है।
  • लेपर्ड किसी बाघ की तुलना में कम दहाड़ता है।
उम्मीद है आपको तेंदुआ के बारे में ये जानकारियाँ पसंद आई होंगी। आप अपने विचार नीचे कमेंट के माध्यम से हम तक जरुर पहुंचाएं।
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ट्यूलिप फूल के बारे में 20 रोचक तथ्य - Tulip Flower in Hindi

About Tulip in Hindi

1. दुनियाभर में ट्यूलिप की 3,000 से अधिक किस्म पाए जाते हैं और इनकी 150 से भी अधिक प्रजातियां हैं।

2. 'ट्यूलिप' नाम की उत्पत्ति फ़ारसी शब्द 'डेलबैंड' से हुई है जिसका अर्थ है पगड़ी, इस फूल का आकार भी पगड़ी जैसा होता है। इसका एक कारण और भी हो सकता है, दरअसल पुराने ज़माने में तुर्की के स्थानीय लोग अक्सर अपने पगड़ी को ट्यूलिप के तनों से सजाते थे और यह उनके फैशन का एक हिस्सा था।

3. Tulip flower को हिंदी में क्या कहते हैं?  क्या आप जानते हैं इसका हिंदी नाम क्या है? इसे हिंदी में कंद-पुष्प कहते हैं।

4. ट्यूलिप फूल की कलियां लगभग पूरी तरह से सुडौल होतीं हैं और यही इनकी सबसे बड़ी खासियत है।

5. ट्यूलिप दुनिया के सबसे पसंदीदा फूलों में से एक है। यह गुलाब के बाद सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फूल है।
Tulip flower ke bare me

6. ट्यूलिप लिली फूल की प्रजाति का ही एक हिस्सा हैं।

7. ट्यूलिप केवल वसंत ऋतु में सिर्फ 3 से 7 दिनों के लिए ही खिलते हैं।

8. ये फूल लगभग हर रंग में पाए जाते हैं लेकिन नीले रंग का कोई भी किस्म नही पाया जाता।

Colorful Tulip Facts

9. ट्यूलिप का पौधा आप फूलदान में लगायें या कहीं भी लगाएं, इनके फूल प्रकाश की दिशा में मुड़ते और झुकते हैं।

10. ट्यूलिप में सामान्यतः एक तने में केवल एक फूल होते हैं, लेकिन कुछ प्रजातियां ऐसी भी हैं जिनमे एक तने पर 4 फूल खिलते हैं।

11. ट्यूलिप तुर्की और अफगानिस्तान का राष्ट्रीय फूल है।

12. यह फूल की खेती ज्यादातर पहाड़ी इलाके में की जाती है।

Tulip Garden

13. पूरी दुनिया में नीदरलैंड ट्यूलिप का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जिसका हर साल लगभग तीन बिलियन निर्यात किया जाता है।

14. ट्यूलिप के फूल किसी ज़माने में बहुत ही महंगे हुआ करते थे जिसे खरीद पाना आम इन्सान के बस की बात नही थी।

15. सन 1600 के दशक में इसकी कीमत आसमान छूने लगी थी, कई बार तो इसकी कीमत इतनी थी की इसके बदले एक घर ख़रीदा जा सकता था।

16. सन 1634 से 1637 के समयकाल को "Tulip Mania" नाम दिया गया था क्योंकि इस दौरान ट्यूलिप फूलों की कीमत सबसे ज्यादा थी। कहा जाता है की इसकी कीमत किसी बेशकीमती हीरे से कम नही थी।

Tulip mania in Hindi

17. ट्यूलिप बल्ब लगाने का सबसे अच्छा समय पतझड़ को माना गया है, ताकि ठंड बढ़ने से पहले इनकी जड़ें विकसित हो सकें।

18. यदि फूल को जल्दी खिलाना चाहते हैं तो इसे बहुत ज्यादा ठंडे स्थान पर रखना चाहिए। जैसे यदि आप इसे फ्रीज़ के अंदर रखने तो इसके जल्दी खिलने की सम्भावना अधिक होगी।

19. ट्यूलिप की पंखुड़ियां खाने योग्य हैं और कई व्यंजनों में इसका उपयोग प्याज के स्थान पर किया जा सकता है।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, ट्यूलिप अक्सर उन लोगों द्वारा खाया जाता था जो अन्य खाद्य पदार्थ खरीद नही पाते थे।
Tulip in Hindi

20. Tulip flower को गर्म स्थानों पर नही उगाया जा सकता इसके लिए ठंडे मौसम की जरुरत होती है।


अगर आपको Tulip flower के बारे में यह जानकारी पसंद आई तो हमें कमेंट के माध्यम से जरुर बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें

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प्लूटो के बारे में 23 रोचक तथ्य - Amazing Facts About Pluto in Hindi

Pluto in Hindi
Image credit: NASA/JPL-Caltech

1. प्लूटो (यम) की खोज 18 फरवरी सन 1930 में Clyde Tombaugh द्वारा Lowell Observatory में किया गया था।

2. Pluto का आकार पृथ्वी के आकार का 18.5% है। 

3. प्लूटो ग्रह क्यों नही है? 
76 सालों बाद प्लूटो को 2006 में एक ग्रह से एक बौने ग्रह की श्रेणी में डाल दिया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा 2006 में ग्रह की परिभाषा में संशोधन किया गया जिसके अनुसार ग्रह की नई परिभाषा कुछ इस तरह है:
  • जो सौरमंडल में सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करता हो। 
  • उसमे पर्याप्त गुरुत्वाकर्षण बल हो जिससे वह गोल स्वरूप ग्रहण कर सकें।
  • उसके आस पास का परिक्रमा क्षेत्र साफ हो, अन्य खगोलीय पिंड न हों।
और इस परिभाषा के अनुसार प्लूटो (यम) को ग्रह नही कहा जा सकता। इसलिए इसे ग्रह की श्रेणी से हटा दिया गया।

4. प्लूटो जब सूर्य के सबसे नजदीक होता है तब इसका वायुमंडल जहरीली गैसों से भरा होता है। जब यह सूर्य से बहुत दूर होता है तो इसका वायुमंडल जम जाता है और बर्फ की तरह गिरने लगता है।

5. प्लूटो में दिन और रात का समय बहुत ही लम्बा होता है। यहाँ एक दिन का समय पृथ्वी के 6 दिन 9 घंटे 36 मिनट के बराबर होता है।

6. इसके घूमने की रफ्तार धीमी होने की वजह से Pluto में एक साल का समय पृथ्वी के 248 साल के बराबर होता है।

Amazing facts about Pluto in Hindi

7. प्लूटो का एक तिहाई हिस्सा पानी है। यह पानी बर्फ के रूप में है जो पृथ्वी के सभी महासागरों की तुलना में 3 गुना अधिक है, शेष दो तिहाई चट्टाने हैं। प्लूटो की सतह बर्फ से ढकी हुई है, इसमें कई पर्वत श्रृंखलाएं और गहरे अँधेरे गड्ढे हैं।

8. प्लूटो पृथ्वी के विपरीत दिशा में घूमता है, जिसका अर्थ है कि यहाँ सूर्य पश्चिम दिशा से उगता है और पूर्व में डूबता है।

9. अगर पृथ्वी पर आपका वजन 45 किलो है तो प्लूटो पर आपका वजन लगभग 3 किलो होगा।

10. प्लूटो तक पहुंचने में सूरज की रोशनी को लगभग पांच घंटे लगते हैं। जबकि इसे पृथ्वी तक पहुँचने में आठ मिनट लगते हैं।

11. दरअसल pluto का orbit कुछ इस तरह है की यह सूरज से सबसे दूर भी जा सकता और इसके नजदीक भी आ सकता है।

12. Neptune सूर्य के सबसे पास घूमने वाला आठवां ग्रह है, लेकिन Neptune की तुलना में प्लूटो सूरज के ज्यादा नजदीक जा सकता है।


14. जब प्लूटो को एक ग्रह माना जाता था, तब यह सभी ग्रहों में से सबसे ठंडा ग्रह था। प्लूटो पर तापमान -240 ° से -218 ° C तक हो सकता है।

15. प्लूटो के अपने पांच चन्द्रमा (उपग्रह) हैं:
  • Charon ( इसकी खोज 1978 में हुई)
  • Hydra (इसे 2005 में खोजा गया)
  • Nix (इसे भी 2005 में पाया गया)
  • Kerberos (P4) (2011 में इसकी खोज हुई )
  • Styx (P5) (इसकी पहचान 2012 में हुई)
Moons of Pluto in Hindi
Image credit: NASA/M. Showalter

16. इन सभी में से Charon सबसे बड़ा उपग्रह है।

17. Charon और प्लूटो के आकार लगभग सामान हैं, इसलिए खगोलविद कभी-कभी दोनों को दोहरे ग्रह के रूप में भी जानते हैं।

18. लोवेल वेधशाला (Lowell Observatory) में प्लूटो की पहचान होने से पहले, अन्य वेधशालाओं में खगोलविदों ने अनजाने में प्लूटो की 16 तस्वीरें लीं थीं। जिसमे से सबसे पुरानी तस्वीर यार्क्स वेधशाला (Yerkes Observatory) द्वारा 20 अगस्त, 1909 को लिया गया था।

19. प्लूटो पर अभी तक सिर्फ एक अंतरिक्ष यान द्वारा दौरा किया गया है। न्यू होराइजन्स नाम के इस अंतरिक्ष यान को 2006 में लॉन्च किया गया था, जिसने 14 जुलाई 2015 को प्लूटो के ऊपर से उड़ान भरकर तस्वीरों और अन्य जानकारियों को एकत्रित किया। न्यू होराइजन्स अब और भी दूर की वस्तुओं का पता लगाने के लिए क्विपर बेल्ट के रास्ते पर है।

20. क्विपर बेल्ट दरअसल एक ऐसा region है जो की हमारे सोलर सिस्टम से बाहर है। हमारे सारे 8 ग्रह इस Kwiper belt के अंदर हैं।

Image credit: NASA

21. क्विपर बेल्ट में मौजूद सभी objects में से सबसे चमकदार दिखाई देना वाला object प्लूटो ही है।

22. न्यू होराइजन द्वारा लिए गये तस्वीरों को रेडियो सिग्नल्स के जरिये प्लूटो से धरती तक पहुँचने में 16 महीने का समय लगा था।

23. Pluto के वातावरण में 97% नाइट्रोजन (N2), 2.5% मीथेन (CH4) और 0.5% कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) मौजूद है।
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तितलियों के बारे में 30 रोचक तथ्य - Butterfly in Hindi

Butterfly in Hindi

1. पूरी दुनिया में तितली की लगभग 20,000 प्रजातियां हैं। भारत में इनकी 1500 प्रजातियाँ पायी जाती हैं।

2. पूरी दुनिया में मोनार्क तितलियाँ एकमात्र कीट हैं जो हर सर्दियों में औसतन 2,500 मील की यात्रा करती हैं।

3. औसतन एक तितली की आयु 1 महिने की होती है। लेकिन अलग-अलग प्रजातियों की उम्र अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा मादा तितली नर की तुलना में अधिक उम्र तक जिन्दा रहतीं हैं।

4. जिस अंडे से तितली बाहर निकलतीं हैं उसी अंडे का छिलका उसका पहला भोजन होता है।

5. तितलियाँ अपने भोजन का स्वाद अपने पैरों से लेती हैं।

6. किसी वस्तु के गंध का पता उन्हें उनके सर पर लगे हुए एंटीना से मिलता है।

7. तितलियाँ पराबैगनी किरणों को भी देख सकती हैं। इनकी आँखों में लगभग 6000 लेंस लगे होते हैं।

8. हजारों लेंस लगे होने के बावजूद ये सिर्फ लाल, हरा और पीला रंग ही देख सकते हैं।

9. तितली दुनिया के हर हिस्से में पायी जाती हैं बस अंटार्कटिका ही एक ऐसा महाद्वीप है जहाँ एक भी तितली नही है।

10. पूरी दुनिया में मोनार्क तितलियाँ एकमात्र कीट हैं जो हर सर्दियों में औसतन 2,500 मील की यात्रा करती हैं।

monarch-butterfly-in-hindi


11. वैज्ञानिकों को लगता था की तितली बहरी होती हैं लेकिन सन 1912 में तितलियों की कान की पहचान की गयी।

12. तितलियों के पास एक लंबी, ट्यूब जैसी जीभ होती है जिसके जरिये वे अपने भोजन को सोखने लेती हैं।

13. आपको यह जानकर हैरानी होगी की कई वयस्क तितलियाँ अपना खाना पूरी तरह से पचा लेती हैं और अपने शरीर से कुछ भी कचरा बाहर नही निकालतीं हैं।

14. इनका खून ठंडा होता है।

15. अगर हवा का तापमान 55 डिग्री फ़ारेनहाइट से कम हो जाए तो तितलियाँ नहीं उड़ सकतीं। चूंकि तितलियां ठंडे खून वाले होते हैं, वे अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाते और ठंड की वजह से उड़ नही पाते।

16. तितली के पंख पारदर्शी होते हैं, जो रंग और पैटर्न हम देखते हैं, वे दरअसल पंखो के ऊपर लगे पतले परत पर प्रकाश के परावर्तन से बनता है।

17. तितलियाँ आकार में भिन्न-भिन्न हो सकती हैं - सबसे बड़ी प्रजाति का आकार 12 इंच, जबकि सबसे छोटी तितली आकार में सिर्फ आधा इंच हो सकती है।

18. तितली की कुछ प्रजातियां केवल एक ही प्रकार के पौधे पर अपने अंडे देती हैं।

19. पुरुष तितलियों के लिए कुछ जरुरी खनिज और तत्व पौधों व फूलों में नही पाए जाते, इन्हें गीली मिट्टी से ये सारे तत्व प्राप्त होते हैं।

20. जन्म के बाद के बाद एक इल्ली (लार्वा) को तितली बनने में 10 से 15 दिन लगते हैं।

21. बर्डविंग नामक प्रजाति के तितलियों के पंख पक्षियों की तरह होते हैं और ये चिड़ियों की तरह ही उड़ते हैं।

Birdwing butterfly


22. ऐसा माना जाता है की इनकी उड़ने की रफ़्तार ही नही बल्कि इनका दिमाग भी तेज गति से चलता है।

23. तितलियों के पीठ पर चार पंख होते हैं।

24. मादा तितली हमेशा पत्ते के निचले हिस्से में ही अंडे देती हैं इसलिए ज्यादातर इनके अंडे दिखाई नही देते।

25. वयस्क तितली औसतन 3 से 4 सप्ताह तक जीवित रहती है।

26. तितली की कुछ प्रजातियां बेहद तेज होती हैं। स्किपर नाम की तितली घोड़े से भी तेज उड़ सकती है। 

27. तितलियों की कुछ प्रजातियों को कई बार जानवरों के खुले घावों से खून पीते हुए भी देखा गया है।

28. बकऑय नाम की तितली सबसे अधिक पायी जाने वाली तितली है जिसके शरीर में आँखों की तरह दिखने वाले अलग-अलग रंग के पैटर्न बने होते हैं।

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29. विशाल Swallowtail बटरफ्लाई दुनिया की सबसे बड़ी तितली प्रजातियों में से एक है, जिसके पंखो का फैलाव 4 से 7 इंच तक हो सकता है।

30. तितली की कई प्रजातियां बहुरूपी होते हैं और अपने आसपास के वातावरण में घुलने-मिलने की क्षमता रखते हैं।
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मकड़ी से जुड़े 27 हैरान करने वाले रोचक तथ्य - Amazing Facts about Spiders in Hindi

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1. मकड़ियों की लगभग 46,000 ज्ञात प्रजातियां हैं। वैज्ञानिकों का मानना ​​है इनकी और भी कई सारी प्रजातियाँ हो सकतीं हैं।

2. एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मकड़ियाँ बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। वे हानिकारक कीड़े खाते हैं, पौधों के परागण में सहयोगी होते हैं, और मृत जानवरों और पौधों को मिट्टी में बदलते हैं। वे कई छोटे स्तनधारियों, पक्षियों और मछलियों के लिए एक बहुमूल्य खाद्य स्रोत हैं।

3. मकड़ी के रेशम ग्रन्थि से निकलने वाला रेशम तरल होता है, लेकिन हवा के संपर्क में आते ही यह कठोर हो जाता है। कुछ मकड़ियों के शरीर में सात प्रकार की रेशम ग्रंथियाँ होती हैं, प्रत्येक एक अलग प्रकार का रेशम बनाती हैं - जैसे चिकनी, चिपचिपी, सूखी, या खिंचाव वाली।

4. क्या आपको पता है? मकड़ियां पक्षियों और चमगादड़ों की तुलना में अधिक कीड़े खाते हैं।

5. मकड़ियों के दांत नहीं होते, इसलिए वे अपने भोजन को चबा नहीं पाते हैं। वे अपने खाने को काटते या निगलते नही हैं बल्कि उनके अंदर एक प्रकार के पाचक रस को भरते हैं और फिर उसे चूस लेती हैं।

6. घरों में पाए जाने वाली अधिकांश मकड़ियां बाहर जिन्दा नही रह सकतीं, क्योंकि उन्होंने घर के अंदर अपना जीवन अनुकूलित कर लिया है।

7. मकड़ी के खून का रंग नीला होता है।

8. सभी मकड़ियां के शरीर से रेशे निकलते हैं, लेकिन सभी मकड़ियां जाले नहीं बनाते।

9. अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर मकड़ियाँ पाई जाती हैं।

10. ज्यादातर मादा मकड़ियाँ पुरुष मकड़ियों से बड़ी होती हैं।

11. मकड़ी की एक प्रजाति जिसे डाइविंग बेल स्पाइडर कहा जाता है, अपनी पूरी ज़िन्दगी पानी के अंदर बिताता है। इनकी शरीर की बनावट की वजह से ये ऐसा कर पाते हैं। यह ऑक्सीजन के लिए सतह से हवा के बुलबुले बना कर उन्हें इक्कठा करते हैं और उन्हें अपनी पीठ पर लाद कर रखते हैं।

diving bell spider in hindi


12. कुछ मकड़ियाँ अपने बनाये हुए जाले खा जाती हैं और फिर उनका पुन: उपयोग करती हैं।

13. इनकी संख्या इतनी ज्यादा है की ऐसा माना जाता है की लगभग हर इंसान के तीन फीट की दूरी पर हमेशा एक न एक मकड़ी जरुर होती है।

14. अधिकांश मकड़ियां सिर्फ एक से दो साल तक ही जीवित रहते हैं। हालांकि, कुछ प्रजातियाँ 20 से अधिक वर्षों तक भी जीवित रह सकते हैं।

15. मादा मकड़ी एक समय में 3,000 से अधिक अंडे दे सकती हैं।

16. मकड़ी की मांसपेशियाँ पैरों को अंदर की तरफ तो मोड़ सकती हैं, लेकिन फिर से पैरों को सीधा करने के लिए उसे पानी की तरह एक प्रकार की तरल पैरों में पंप करना पड़ता है। यही वजह है की एक मृत मकड़ी के पैर हमेशा मुड़े हुए होते हैं क्योंकि मरने के बाद उसके शरीर से यह तरल खत्म हो चुका होता है।

17. हम मनुष्यों के शरीर में मांसपेशियां बाहर और हड्डियाँ अंदर की तरफ होती हैं, लेकिन मकड़ियों में यह उल्टा होता है उनके शरीर के अंदरूनी हिस्से में मांसपेशियां होती हैं जबकि कंकाल बाहर की तरफ होता है। एक मकड़ी का कंकाल उसकी मांसपेशियों की सुरक्षा करता है।

18. सैकड़ों साल पहले, लोग अपने घावों पर मकड़ी के जाले लगाते थे क्योंकि उनका मानना ​​था कि यह रक्तस्राव को रोकने में मदद करेगा। अब वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद यह पता लगाया है कि रेशम में विटामिन-के होता है, जो रक्तस्राव को कम करने में मदद करता है।

19. घरों में रहने वाली मकड़ियों के पैर में छोटे-छोटे बाल होते हैं जिनकी वजह से वे दीवारों में चल सकती हैं। लेकिन घर के बाहर रहने वाली कुछ मकड़ियाँ ऐसी भी होती हैं जो अपने पैर की बनावट की वजह से दीवारों पर नही चढ़ पाती हैं।

20. मकड़ियों को सुनने और सूंघने में उनके पैरों के छोटे-छोटे बाल उनकी मदद करते हैं।

21. अधिकांश मकड़ियों की आठ आंखें होती हैं और वे एक-दुसरे के बहुत नज़दीक होती हैं।

22. क्या मकड़ियाँ जहरीली होतीं हैं? 
अधिकतर मकड़ियों में जहर नही होता लेकिन इनकी कुछ प्रजातियाँ होती हैं जो की विषैले होते हैं और इनके काटने से शरीर में जहर फ़ैल सकता है। हालांकि ऐसी मकड़ियाँ बहुत ही कम पायी जाती हैं।

23. फ़नल वेब स्पाइडर नाम की मकड़ी एक आक्रामक मकड़ी है जो लोगों पर हमला करती है और काटती है। इसका जहर सिर्फ 15 मिनट में जान ले सकता है। लेकिन इससे डरने की जरुरत नही है, क्योंकि अब इसके जहर से बचने के लिए एक एंटीवेनम बना लिया गया है।

24. क्या मकड़ियाँ उड़ सकती हैं?
मकड़ियाँ उड़ नहीं सकते, लेकिन वे कभी-कभी अपने रेशम के माध्यम से झूलते हुए दिखाई देते हैं।

25. सॉल्टिसिड्स (कूदने वाली मकड़ियां) की कुछ प्रजातियाँ ऐसी किरणों को भी देख सकतीं हैं जिन्हें हम मनुष्य अपनी आँखों से नही देख सकते हैं। कुछ को UVA और UVB किरणों को देखने में भी सक्षम होती हैं।

26. मकड़ी के जाले में मक्खियाँ और अन्य कीड़े फंस जाते हैं क्योंकि यह बहुत ही चिपचिपा होता है। ऐसे में आपके दिमाग में एक सवाल यह जरूर आता होगा की आखिर मकड़ियाँ खुद के जाल में क्यों नही फंसते? तो इसका जवाब है की मकड़ी के जाले का हर हिस्सा चिपचिपा नही होता, ये जिससे हिस्से पर बैठतीं हैं उसे अलग प्रकार के रेशम से बनाती हैं जिसमे चिपचिपापन नही होता है।

spider in hindi


27. गोलियत मकड़ी (थेरोफोसा ब्लॉन्डी) विश्व की सबसे बड़ी मकड़ी है। यह 11 इंच तक चौड़ा हो सकता है, और इसके नुकीले पैर एक इंच तक लंबे होते हैं। यह मेंढक, छिपकली, चूहे और यहां तक ​​कि छोटे सांप और पक्षियों का भी शिकार कर सकता है।





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