क्या आप जानते हैं? हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल नही है

भारत का राष्ट्रीय खेल क्या है? यह सवाल पूछने पर लगभग हर किसी का जवाब होगा "हॉकी", क्योंकि हम बचपन से ही स्कूलों में, सामान्य ज्ञान की किताबों में यही पढ़ते आ रहे हैं की हमारे देश का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। लेकिन आपको यह जानकर बड़ी हैरानी होगी की हॉकी को भारत के राष्ट्रीय खेल का दर्जा प्राप्त नही है।

national game hockey in Hindi

अगर हॉकी नही, तो भारत का राष्ट्रीय खेल कौनसा है?

सन 2012 में लखनऊ की 10 वर्षीय ऐश्वर्या पाराशर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को आरटीआई के जरिये राष्ट्रीय प्रतिक चिन्ह, गीत, राष्ट्रगान, पशु, पक्षी, खेल आदि से जुड़े घोषणा पत्र और दस्तावेजों की प्रति मांगी थी।

उन सवालों को कार्यालय से सम्बंधित मंत्रालयों में भेजा गया, खेल से जुड़े सवाल के जवाब में खेल मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा की भारत सरकार ने अभी तक किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल का दर्जा नही दिया है।

इससे साफ़ हो जाता है की हमारे देश का राष्ट्रीय खेल हॉकी नही है, बल्कि ऐसा कोई खेल है हि नही जिसे भारत का राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया हो।

शायद यही वजह है की किसी भी प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं में यह सवाल पूछा ही नही जाता क्योंकि इसका कोई जवाब ही नही है।

आखिर हॉकी को राष्ट्रीय खेल मानने के पीछे वजह क्या है?

अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा की जब देश का कोई राष्ट्रीय खेल है ही नही तो लोग हॉकी को राष्ट्रीय खेल क्यों मानते हैं? आखिर इतने बड़े झूठ के पीछे वजह क्या है?

इसे समझने के लिए आपको हॉकी से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में जरूर पता होना चाहिए जैसे - हॉकी का जन्म हमारे देश भारत में हुआ और स्वतंत्रता से पहले यहाँ हॉकी का खेल बहुत ही लोकप्रिय हुआ करता था यहाँ तक की भारत को इस खेल में 8 स्वर्ण पदक और एक विश्व कप मिल चुका है। सन 1928 से 1956 तक के सारे स्वर्ण पदक भारत के नाम पर ही हैं।

शायद यही वजह है की लोगों ने हॉकी को ही राष्ट्रीय खेल मान लिया इसके अलावा RTI से पहले इस सवाल का जवाब खोज पाना और तथ्यों की पुष्टि कर पाना बहुत मुश्किल काम था।


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हड़प्पा संस्कृति-सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़े 20 हैरान करने वाले रोचक तथ्य | Indus Valley Civilization in Hindi

सिन्धु घाटी सभ्यता ( हड़प्पा संस्कृति ) का इतिहास 8000 साल पुराना है जिनमे से कई सारे शहरों की खोज हो चुकी है जो की प्राचीन भारत के विभिन्न हिस्सों में फैले हुए थे और आज इसके कुछ हिस्से पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी पाए गये हैं।

इस सभ्यता की सबसे खास बात यह है की यह दूसरी सभ्यताओं की तुलना में तकनीकी रूप से बहुत आगे थे। आज हम हड़प्पा सभ्यता से जुडी कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में जानेंगे जो की आपको सोंचने पर मजबूर कर देंगे की क्या सच में उस जमाने में भी ऐसा हुआ करता था।

Amazing Facts about Indus Valley Civilization in Hindi

ये हैं सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़े 20 हैरान करने वाले आश्चर्यजनक और रोचक तथ्य। इनमे से कुछ बातों पर आपको यकीन करना मुश्किल होगा क्योंकि उस समय की तुलना में वहां के लोगों की जीवन शैली और तकनीकें काफी उन्नत थीं।

1. सबसे पुरानी सभ्यता 


पहले यह माना जाता था की सबसे पुरानी सभ्यता मेसोपोटामिया है लेकिन हाल ही में आईआईटी-खड़गपुर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) के वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे सबूतों का खुलासा किया है जिससे की यह साबित होता है की सिंधु घाटी की सभ्यता 5,500 वर्ष (जैसा की पहले माना गया था) नही बल्कि कम से कम 8000 साल पुरानी है।

25 मई, 2016 को प्रतिष्ठित Nature Journal पत्रिका में प्रकाशित इस खोज में माना गया है की मिस्र और मेसोपोटामिया सभ्यताओं की तुलना में ही नही बल्कि हड़प्पा सभ्यता पूरी दुनिया में सबसे पुरानी सभ्यता है।


2. इनकी आबादी 50 लाख से भी अधिक थी


सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) की कुल आबादी पांच लाख से अधिक थी जो की न्यूज़ीलैंड की वर्तमान जनसंख्या की तुलना में अधिक है जिनमे से अधिकांश लोग कारीगर और व्यापारी थे।

3. सभ्यता का नामकरण


खोजी गई पहली बस्तियां सिंधु नदी के तट पर थीं, इसलिए पुरातत्वविदों ने इसे 'सिंधु घाटी सभ्यता' नाम दिया।

हालांकि, सिंधु और इसकी सहायक नदियों के आसपास केवल 100 जगहों पर पाए गये हैं जबकि 500 ​​से ज्यादा साइटों की खोज घग्गर-हकरा नदी (जो की लंबे समय से खोई हुई नदी, सरस्वती मानी जाती है) के आसपास हुई है। 

अब, कई पुरातत्वविदों ने इसे 'सिंधु-सरस्वती सभ्यता' के रूप में बुलाना पसंद किया है, जो की दोनो नदियों के नाम पर आधारित है।
जबकि कई लोग 'हड़प्पा सभ्यता' नाम को पसंद करते हैं, जो पहले शहर के नाम पर आधारित था जिसे हड़प्पा कहते हैं।

4. अब तक 1056 शहरों की खोज हो चुकी है


अभी तक 1,056 से अधिक हड़प्पा शहर और बस्तियों की खोज हुई है, जिनमें से 96 जगहों की खुदाई की गई है। वे ज्यादातर सिंधु और घग्गर-हकरा नदियों और उनकी सहायक नदियों के आसपास फैले हुए हैं। जिनमे ढोलवरिया, राखीगढ़ी, लोथल, कालीबंगन हड़प्पा और मोहनजो-दारो जैसे कुछ प्रसिद्ध शहर भी शामिल हैं।

5. बच्चों का शहर


जब हड़प्पा और मोहन जोदड़ो की खुदाई की गयी थी, तो वहां पासा, पत्थर, सीटी और कई प्रकार के खिलौने बड़ी संख्या में पाए गए थे। इससे उन्हें लगा कि उन्होंने उन शहरों की खोज की थी जहां के अधिकांश निवासी बच्चे थे।

6. उस जमाने में शतरंज जैसा खेल


जैसा की हमने ऊपर बताया की वहाँ कई प्रकार के खिलौने पाए गये हैं जिससे पता चलता है की वहाँ के लोगों को खेल खेलना बहुत पसंद था लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी की शतरंज जैसा खेल भी उस जमाने में खेला जाता था।

7. 4000 वर्षीय सिंधु घाटी ईंटों से बना रेलवे ट्रैक

भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान, ब्रिटिश इंजीनियर कराची से लाहौर तक रेलवे ट्रैक का निर्माण कर रहे थे। जब ट्रैक बढ़ाने के लिए सामग्रियों की कमी महसूस हुई, तो उन्होंने इसके लिए हड़प्पा के आसपास के खंडहरों से ईंटें एकत्रित कीं। उन्होंने इन 4000 वर्ष पुरानी ईंटों का उपयोग करके 150 किमी रेलवे ट्रैक का निर्माण किया।

8. दुनिया का पहला योजनाबद्ध शहर

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सिन्धु घाटी के लगभग सभी शहर योजनाबद्ध तरीके से एक ग्रिड पैटर्न में डिजाईन किये गये हैं। सड़कों की दिशा और चौड़ाई का ख़ास ख्याल रखा गया था, सड़कों के आसपास बाजार और अन्य दुकानों आदि के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था थी।

9. वे अपने समय से आगे थे

सिन्धु घाटी सभ्यता में शहरों और गावों का निर्माण बेहद ही योजनाबद्ध तरीके से किया गया था जो उस समय के दूसरी प्राचीन सभ्यताओं में दिखाई नही देते।

 लगभग सभी शहर एक ही पद्धति से बनाई गई थी। टाउन प्लानिंग अकेले शहरों तक सीमित नहीं थी, प्रत्येक शहर और गांव एक ही ग्रिड पैटर्न से बने थे और प्रत्येक घर का निर्माण एक ही आकार के ईंट से होता था। सभी घरों के लिए ईंटें समान थीं। जल निकासी और प्रबंधन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गयी थी।

10. अधिकांश घर दो मंजिला या तीन मंजिला होते थे

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हड़प्पा सभ्यता के लोगों के पास कुशल राजमिस्त्री हुआ करते थे जो की ईंटों को जोड़कर विशाल संरचना बना सकते थे यही कारण है की लोगों के घर दो मंजिला या तीन मंजिला हुआ करते थे।

11. हड़प्पा घरों में अटैच्ड बाथरूम व फ्लश टॉयलेट हुआ करते थे 

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हड़प्पा संस्कृति के लगभग सभी घरों में पानी की सुविधा के साथ उस समय के अनुसार अत्याधुनिक स्नानागार और शौचालय होते थे जिनमे निकासी और साफ़ सफाई की भी विशेष व्यवस्था की गयी थी।

12. विशाल स्नानागार 

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मोहन जोदड़ो की खुदाई में एक विशाल स्नानागार पाया गया है। यह 2.5 मीटर गहरा, 7 मीटर लम्बा और चौड़ा था। प्रवेश द्वार के रूप में दो चौड़े सीढ़ियां थीं, तालाब में एक छेद भी है जहां से पानी निकलता है। सभी दीवारों को जिप्सम प्लास्टर के साथ पतले ईंटों और मिट्टी से बनाया गया था। 

13. दुनिया के पहले दंत चिकित्सक

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भले हमें आज दन्त चिकित्सा जैसा कार्य आधुनिक और नये जमाने का लगे लेकिन आपको यह जानकर बड़ी हैरानी होगी की हड़प्पा काल से कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जो बताते हैं की उस समय में भी लोगों की इसकी जानकारी थी।

सन 2001 में, मेहरगढ़, पाकिस्तान के दो लोगों के अवशेषों का अध्ययन करने वाले पुरातत्वविदों ने पाया कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग, शुरुआती हरप्पन काल से ही आद्य-दंत चिकित्सा (proto-dentistry) के ज्ञानी थे।

Nature Journal में प्रकाशित लेख के अनुसार मेहरगढ़ में एक जीवित व्यक्ति में मानव दांतों के ड्रिलिंग का पहला सबूत पाया गया था।

14. उन्होंने नाप-तौल की सटीक तकनीक भी विकसित की थी 

वैज्ञानिकों ने उस समय उपयोग होने वाले कुछ माप यंत्रों की खोज की है जिनका उपयोग लम्बाई नापने, वजन तौलने आदि में किया जाता था। नाप-तौल के कई मानक भी निर्धारित किये गये थे, 0.005 इंच को सटीकता से नापा जा सकता था।

यही नही, पुरातत्वविदों को कुछ पत्थर के क्यूब्स भी मिले हैं जो की स्पष्ट रूप से वजन तौलने के लिए तैयार किये गये हैं, जिनसे 0.05 से लेकर 500 यूनिट तक के भार को तौला जा सकता है।

15. मोहन जोदड़ो में सड़कों व गलियों में कूड़ेदान की व्यवस्था थी 

पुरातत्वविदों ने ईंट से बने कई कंटेनरों की पहचान की जो की कचड़े इक्कठे करने के लिए मोहनजो-डारो की गलियों में लगाए गये थे।

16. हड़प्पा सभ्यता में बटन का भी उपयोग होता था

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सिंधु घाटी सभ्यता में, समुद्री सीपों से बने बटन का उपयोग ज्यादातर सजावटी सामग्री के रूप में किए जाते थे। बटनों को अलग-अलग आकृतियों में बनाया गया था और धागे के साथ कपड़ों में इसे लगाने के लिए इसमें छेद भी दिए गये थे।

17. उन्होंने दुनिया का सबसे पुराना साइनबोर्ड बनाया

1999 में ढोलवीरा में, पुरातत्वविदों ने दुनिया का पहला साइनबोर्ड खोजा है, इस बोर्ड में एक लकड़ी के फ्रेम में 30 सेंटीमीटर के पत्थर से बने प्रतीक चिन्ह थे। हांलाकि अभी तक इसके मतलब का पता नही चल पाया है क्योंकि सिंधु लिपि की अभी तक व्याख्या नहीं की गई है।

18. उनको कला और शिल्प के क्षेत्र में महारथ हासिल थी


Harappan civilization के लोग शिल्पकला के मामले में बहुत उन्नत थे, खनन के दौरान सिन्धु घाटी से ताम्बे, कांस जैसे कई प्रकार के धातुओं से बनी मूर्तियाँ और कलाकृतियाँ पाई गयीं हैं जिनमे उनके शिल्प कौशल को बड़ी आसानी से देखा जा सकता है।

19. सिन्धु सभ्यता की लिपि (Indus Valley Script) को अभी तक समझा नही जा सका है

हड़प्पा संस्कृति में उपयोग किये गये लिपि व लिखावट की व्याख्या अभी तक नही की जा सकी है यह भी एक वजह की हमें सिन्धु घाटी के बारे बहुत कम जान पाए हैं।

20. आज भी यह रहस्य है कि सिंधु घाटी सभ्यता कैसे ख़तम हो गई

इस सभ्यता की समाप्ति के पीछे का रहस्य आज भी बना हुआ है। कोई भी नही जानता की उन नागरिकों का क्या हुआ। कुछ लोग कहते हैं कि उनकी सैन्य रणनीतियों की कमी के कारण मध्य एशिया से भारत-यूरोपीय जनजाति के आर्यों ने उन पर हमला किया। 

कुछ लोगों का यह कहना है कि यह एक बड़े पैमाने पर सूखे की वजह खत्म हो गई। वहीँ कुछ लोगों का मानना ​​है कि एक बहुत बड़े भूकंप ने नदी के मार्ग को बदल दिया, और इस तरह परिस्थिति ने उन्हें कहीं और स्थानांतरित होने के लिए मजबूर किया।
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पानी से जुड़े 21 रोचक तथ्य जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए | Water in Hindi

water in Hindi

Amazing Facts about Water in Hindi

1. हर उस जगह में जीवन है जहाँ पानी मौजूद है भले ही वह उबलता हुआ क्यों न हो।

2. अत्याधिक व्यायाम या शारीरिक गतिविधि के तुरंत बाद जो वजन कम होता है वह वसा के घटने से नही बल्कि पानी की कमी से होता है।

3. पानी के जमने पर उसका आकार 9% तक फैल जाता है।

4. जब हमारे शरीर से 1% पानी खत्म होता है तब हमें प्यास का एहसास होता है।

5. एक व्यक्ति भोजन के बिना लगभग एक महीने तक जीवित रह सकता है, लेकिन बिना पानी के एक हफ्ते में ही उसकी मौत हो सकती है।

6. 1 टन स्टील का निर्माण करने के लिए 300 टन पानी की आवश्यकता होती है।

7. एक कप कॉफी के लिए कॉफी बीन्स का उत्पादन करने के लिए 200 लीटर पानी की जरुरत होती है।

8. जल पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखता है।

9. गर्म पानी ठंडे पानी की तुलना में अधिक तेज़ी से जमता है।

10. आपने कई लोगों को कहते हुए सुना होगा की खूब पानी पिया करो लेकिन क्या आपको पता है की बहुत ज्यादा पानी पीना आपके शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है इसे water intoxication कहते हैं।

11. मानव शरीर के औसतन 50 से 65 प्रतिशत हिस्से में पानी होता है।

12. नवजात शिशुओं के शरीर में पानी की मात्रा और भी अधिक, लगभग 78 प्रतिशत होता है।

13. धरती का लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा पानी है।

14. दुनिया का 1.7% पानी जमा हुआ है और इसलिए यह अनुपयोगी है।

15. असुरक्षित जल से हर घंटे 200 बच्चों की मौत होती है।

16. मानव मस्तिष्क का 70% हिस्सा पानी है।

17. पृथ्वी पर मौजूद 97.5 प्रतिशत पानी खारा है, और बाकी 2.5% ताजा पानी है जिसमे से केवल 0.3% तरल के रूप में पृथ्वी के सतह पर झीलों, नदियों, तालाबों, दलदलों, आदि में पाया जाता है। बाकी ग्लेशियरों या जमीन के अंदर मौजूद है।

18. दुनिया में 748 मिलियन लोगों को पीने के लिए साफ़ पानी की सुविधा नहीं मिल पाती है।

19. धरती की सभी नदियों की तुलना में कहीं ज्यादा पानी बादलों में मौजूद है।

20. अगर हमारे वायुमंडल में उपस्थित सभी वाष्प एक बार में ही पानी बन कर गिर जायें और समान रूप से फैल जायें, तो पूरी धरती एक इंच पानी के परत से ढंक जायेगी।

21. अगर किसी नल से प्रति सेकंड पानी की एक बूँद गिर रहा है तो एक वर्ष में 3,000 गैलन पानी लीक हो सकता है।

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बुध ग्रह के बारे में 15 ज्ञानवर्धक और रोचक जानकारियाँ | Mercury Planet in Hindi

Mercury Planet in Hindi
आज हम सूर्य के सबसे नजदीकी ग्रह यानी बुध ग्रह के बारे में कुछ ज्ञानवर्धक और रोचक तथ्य बताने वाले हैं जिसके बारे में शायद आपको नही पता होगा।

Facts about Mercury Planet in Hindi

1. पृथ्वी पर एक साल में 365 दिन होते हैं लेकिन बुध ग्रह में एक साल में केवल 88 दिन होते हैं।

2. बुध का एक दिन पृथ्वी पर 58.646 ≈ 59 दिन के बराबर है।

3. बुध ग्रह सूर्य का सबसे निकटतम ग्रह है और यही वजह है की दिन के समय इसका तापमान 450 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

4. पृथ्वी की तरह बुध का कोई वायुमंडल नहीं है और इसलिए, यह सूर्य की गर्मी को रोककर रखने में सक्षम नहीं है। यही कारण है कि बुध का तापमान शून्य से नीचे 170 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

5. इससे पहले, सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह प्लूटो था। लेकिन ग्रहों की श्रेणी से प्लूटो को निकालने के बाद, बुध हमारे सौर मंडल का सबसे छोटा ग्रह बन गया है। बुध का व्यास केवल 4,876 किलोमीटर है, जो की US के आकार के बराबर है।

6. किसी भी अन्य ग्रहों की तुलना में बुध ग्रह सूर्य के चारों ओर सबसे तेज गति से चक्कर लगाती है। इसकी गति लगभग 180,000 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।

7. इतनी गर्मी के बावजूद भी ऐसा माना जाता है की बुध में पानी के बर्फ मौजूद हैं जो की बड़े-बड़े craters यानी गड्ढों के अंदर जमे हुए हैं क्योंकि इन जगहों पर सूरज की रौशनी नही पहुँच पाती और हमेशा ठंडक बनी रहती है।

8. कम से कम 5000 साल पहले से ही हम इंसानों को बुध ग्रह के बारे में पता है। इतिहासकारों के मुताबिक सुमेरियन सभ्यता के लोग बुध को अपने देवता से जोड़कर देखते थे और इसे वे नाबू कहते थे।

9. जैसा की हमने बताया की बुध ग्रह में कोई भी वातावरण नही है इसलिए उल्कापिंड और अन्य टूटे हुए तारे बड़ी आसानी से इससे टकरा सकते हैं यही वजह है की इसकी इसके सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे पाए जाते हैं।

10. बुध ग्रह का कोर पूरी तरह से पिघला हुआ है और इसमें पिघला हुआ लोहा शामिल है। बुध के केंद्र में लौह सामग्री सौर मंडल के किसी भी अन्य ग्रह की तुलना में बहुत अधिक है।

11. चूँकि इसके कोर में पिघला हुआ लोहा है जोकि ठंडा होने पर सिकुड़ जाता है जिसकी वजह से बुध की सतह में जगह-जगह झुर्रियों की तरह दिखाई देती हैं जोकि 1 से 100 मील तक फैला हुआ हो सकता है।

12. हम बुध ग्रह को तभी देख सकते हैं जब यह सूर्य के सामने से गुजरता है। यह घटना 7 साल में एक बार होती है जिसे पारागमन कहा जाता है।

13. बुध ग्रह सूर्य के चारो ओर एक अंडाकार (elliptical) कक्षा (orbit) में परिक्रमा करता है इसकी सूर्य से निकटतम दूरी 470 लाख किलोमीटर है जबकि अधिकतम दूरी 7 करोड़ किलोमीटर है।

14. बुध ग्रह में सूर्योदय और सूर्यास्त कुछ अलग ही तरीके से होता है, सूर्योदय के समय सूरज उगता है फिर कुछ देर के लिए डूबने लगता है और फिरसे उगता है। ऐसे ही सूर्यास्त के समय डूबता है और कुछ देर के लिए फिर से उगने लगता है और फिर आखिर में डूब जाता है।

15. बुध ग्रह की गुरुत्वाकर्षण शक्ति बहुत कम है, जो की पृथ्वी के गुरुत्व बल का लगभग 38% है। जिसकी वजह से वातावरण में उपस्थित गैसें उड़ कर बाहर चली जातीं हैं।


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Mike Miracle - एक अनोखा मुर्गा जो बिना सिर के 18 महीनों तक जीवित रहा


क्या कोई मुर्गा बिना सिर के जिन्दा रह सकता है वो भी एक दिन नही पूरे डेढ़ साल तक। यकीन नही होता न लेकिन यह बात बिलकुल सच है। आज हम आपको एक ऐसे मुर्गे के बारे में बताने वाले हैं जो की बिना सिर के 18 महीनो तक जीवित रहा।

बात मेसा काउंटी देश के फ्रुइटा शहर की है, जहाँ 10 दिसम्बर 1945 को मुर्गी फार्म चलाने वाला लॉयड नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी क्लारा के साथ हमेशा की तरह मांस के लिए मुर्गों को काट रहा था। व्यक्ति मुर्गों का गला काटता जाता और महिला उसकी सफाई करती जाती थी।

गला काटने के बाद चाँद मिनटों में मुर्गे अपना दम तोड़ देते थे लेकिन उनमे से एक मुर्गा ऐसा भी था जो की गला कट जाने के बाद भी इधर-उधर दौड़ रहा था।

लॉयड ने उसे पकड़ कर एक डिब्बे में बंद कर दिया उसे लगा की वह मर जाएगा लेकिन जब अगली सुबह उसने डिब्बा खोला तो वह आश्चर्यचकित रह गया, मुर्गा अभी भी जिन्दा था।

यह अपने आप में एक अनोखी घटना थी जिसकी खबर आग की तरह फैलने लगी, दूर-दूर से लोग आने लगे, अखबारों में तस्वीरें छपने लगीं, मीडिया रिपोर्टर्स इंटरव्यू के लिए आने लगे और Mike नाम के बिना सर के इस मुर्गे को Miracle Mike के नाम से जाना जाने लगा।

Mike Headless Chicken
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मुर्गे को दाना पानी देने के लिए लॉयड ने एक तरीका निकाला था जिसमे वह एक आई ड्रॉपर की मदद से खाना सीधे उसके गले के अंदर डाला जाता था और इसी तरह बिना सर के वह मुर्गा 18 महीने यानी की डेढ़ साल तक जिन्दा रहा।

Miracle Mike (मुर्गे) की मौत कैसे हुई?

माइक के मौत के पीछे भी एक कहानी है। यह मुर्गा बहुत प्रसिद्ध हो गया था जिसे देखने के लिए लोग पैसे देने के लिए भी तैयार थे और जगह-जगह कार्यक्रम में इन्हें बुलाया जाता था। 

लॉयड दंपत्ति उस मुर्गे के साथ शहर-शहर घूमने लगे और माइक की वजह से हर महीने 45,00 डॉलर कमाने लगे। इन 18 महीनो में वे US के लगभग हर शहर में जा चुके थे।

आखरी बार जब वे एरिज़ोना के फ़ीनिक्स शहर की यात्रा में थे तब माइक की मौत हो गयी। वे रात को एक मोटेल में ठहरे हुए थे तभी लॉयड दंपत्ति को माइक की छटपटाने की आवाज सुनाई दी, वे उसे खाना खिलाना भूल गये थे और तभी उन्हें याद आया की वे जिस आई ड्रॉपर से खाना खिलाते थे उसे वे एक शो में भूल गए हैं और जब तक की वे कुछ कर पाते माइक ने अपना दम तोड़ दिया था।

Mike Miracle Statue

माइक की याद में उसकी एक मूर्ति बनवाई गयी है जो की आज भी कोलोराडो के फ्रुइता शहर में स्थित है इसके अलावा माइक की स्मृति में हर साल जून के महीने में Headless Chicken Festival भी मनाया जाता है।

आखिर माइक बिना सर के कैसे जिन्दा था?

माइक का गला तो कटा हुआ था लेकिन गले का नस सुरक्षित था और थक्के की वजह से खून भी बहना रुक गया था। उसके सिर के कुछ भाग जैसे मस्तिष्क की नसें और एक कान अभी भी शरीर से लगे हुए थे और शरीर को जिन्दा रखने के लिए मूलभूत कार्य जैसे साँस लेना, दिल धड़कना आदि भी सुचारू रूप से चल रहे थे जिसकी वजह से माइक 18 महीनो तक बिना सिर के भी जीवित रहा।
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बाज़ से जुड़े 15 रोचक तथ्य - Eagle Bird in Hindi

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15 Amazing Facts About Eagle Bird in Hindi

1. ईगल (बाज़) को उसकी ताकत, सजगता और उड़ान की ऊँचाई की वजह से हमेशा से ही पक्षियों का राजा माना गया है।

2. दुनिया भर में बाज के 60 से भी ज्यादा प्रजातियाँ पाई जातीं हैं।

3. बाज एक ऐसा शक्तिशाली पक्षी है जो की लगभग 6 किलो तक का वजन उठा कर आसमान में उड़ सकता है जो की अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

4. बाज़ मांसाहारी होते हैं और उनके शिकार में मछली, खरगोश, गिलहरी, चूहे, कम रफ़्तार में उड़ने वाले दुसरे पक्षी, यहाँ तक की लोमड़ी व हिरन भी शामिल हैं।

5. बाज बार-बार एक जगह से दुसरे जगह विस्थापित नही होते हैं। वे उम्रभर एक ही जगह पर रहना पसंद करते हैं  लेकिन भोजन की कमी होने की स्थिति में वे अपना स्थान बदल भी सकते हैं।

6. बाज के घोंसले आकार में बहुत बड़े होते हैं जिनका व्यास लगभग 5 से 6 फीट और 2 से 4 फुट लम्बा हो सकता है। यदि पेड़ मजबूत है, तो वे एक ही घोंसले का इस्तेमाल हर बार करते हैं, और हर साल नए सामग्रियों को एकत्र करते हैं, इसलिए कुछ घोंसले बहुत भारी भी हो सकते हैं।

7. मादा बाज़ 1-3 सफ़ेद रंग के अंडे देती है जिसे वह 35 दिनों तक सेती है इस दौरान नर बाज़ की जिम्मेदारी होती है की वह भोजन और अन्य सामग्री इक्कठा करे।

8. ईगल के बच्चे बड़ी तेजी से विकास करते हैं और जन्म के बाद 6 सप्ताह में ही इनका वजन 3 से 4 किलो तक हो जाता है।

9. जैसा की आप जानते हैं की इनकी नज़र बहुत तेज़ होती है, इसके पीछे एक वजह यह भी है की इनकी गर्दन 270 डिग्री तक घूम सकती है इसके अलावा इनकी आँखे एकसाथ दो बिंदुओं पर फोकस कर सकतीं हैं इससे उन्हें आगे और साइड को एक साथ देखने की क्षमता मिल जाती है।

10. नर बाज का वजन मादा के मुकाबले 25% तक कम होता है।

11. बहुत कम लोगों को यह पता है की बाज पानी में तैर भी सकते हैं। एक बार जब वे पानी में उतर जाते हैं तो वे तब तक उड़ नही सकते जबतक की वे पानी से बाहर न आ जाएँ।

12. शिकार के समय बाज 100 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से झपट्टा मार सकते हैं जबकि इनकी नियमित उड़ान की रफ़्तार 30 मील प्रति घंटे होती है।

13. 1970 के दशक के दौरान, बाज़ लगभग लुप्त हो गये थे इसके बाद से उन्होंने एक उल्लेखनीय वापसी की है।
14. वैसे तो एक बाज की औसत उम्र 20 साल होती है लेकिन ये 70 साल तक भी जीवित रह सकते हैं।

15. इनकी आँखे बहुत तेज़ होती हैं, अपने शिकार को 5 किलोमीटर से भी देख लेते हैं और ये ultravilot light को भी देखने में सक्षम हैं।

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ड्रोन से जुड़ी 15 रोचक जानकारियाँ - Drone in Hindi

Facts about drone in Hindi

15 Facts about Drone in Hindi


1. ड्रोन क्या है? ड्रोन कंप्यूटर तकनीक द्वारा नियंत्रित एक विमान है। इसे उड़ान भरने के लिए किसी पायलट की जरूरत नहीं होती। इसे UAV (Unmanned Aerial Vehicle ) यानी मानव रहित विमान भी कहा जाता है। इसे अपनेआप चलने के लिए पहले से प्रोग्राम किया जा सकता है या किसी पायलट द्वारा दूर से नियंत्रित किया जा सकता है।

2. जब ड्रोन कैमरा नही हुआ करते थे तब फोटोग्राफर्स ऊपर से तस्वीरें खीचने के लिए पतंग का उपयोग करते थे।

3. डच पुलिस फाॅर्स ड्रोन से निपटने के लिए गिद्धों को प्रशिक्षण दे रहा है।

4. Domino's ने ड्रोन के जरिये पिज़्ज़ा डिलीवरी का एक टेस्ट कर चुकी है जिसमे उन्होंने ड्रोन को DomiCopter" नाम दिया जिसने 10 मिनट उड़ान भरने के बाद सफलतापूर्वक सामान की डिलीवरी की।

5. इजराइल दुनिया की सबसे ज्यादा ड्रोन बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली देश है।

6. सबसे महंगी मिलिट्री ड्रोन अमेरिका द्वारा निर्मित MQ 9 Reaper है, जिसका खर्च 14 मिलियन अमरीकी डालर है।

7. सबसे महंगी यात्री ड्रोन चीन की Ehang 184 है, जीसमे 300,000 अमरीकी डालर के आसपास खर्च होता है।

8. पहला सशस्त्र ड्रोन अमेरिका द्वारा ओसामा बिन लादेन को तलाश करने और खत्म करने के लिए बनाया गया था, जिसके बाद लगातार कई युद्धों में सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

9. 1980 का ईरान-इराक के बीच का युद्ध पहला ऐसा युद्ध था जिसमे ड्रोन का उपयोग किया गया।

10. ड्रोन किसानो के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है इससे वे अपने खेतों पर दूर बैठे नज़र रख सकते हैं इसके अलावा सिंचाई जैसे काम भी कर सकते हैं।

11. DARPA ने हमिंगबर्ड नामक एक ऐसा ड्रोन निर्माण किया है, जो की मक्खियों के समान दिखाई देता है और  कैमरे से लैस होकर केवल AA बैटरी में भी काम कर सकता है।

12. रिटायर्ड लड़ाकू विमानों को अभ्यास के लिए मानव रहित उड़ान वाले ड्रोन में बदल दिया जाता है।

13.  इसका उपयोग क्रिकेट वर्ल्ड कप में ऊपर से तस्वीरें रिकॉर्ड करने के लिए भी किया जा चुका है।


14. खूबसूरत दृश्य फिल्माने के लिए फिल्म इंडस्ट्री में ड्रोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।

15. आजकल कोई भी बड़ी आसानी से drone खरीद सकता है यदि आप भी Drone या Quadcopter खरीदना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें
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