कछुए के बारे में 35 रोचक जानकारी -Facts About Tortoise in Hindi

Facts about Tortoise in Hindi

कछुए के बारे में 35 रोचक तथ्य - Tortoise in Hindi

1. कछुए इस धरती पर 20 करोड़ साल यानि डायनासोर काल से मौजूद हैं।

2. कछुए का वैज्ञानिक नाम Testudinidae है।

3. कुछ कछुए 100 साल से भी अधिक पुराने हो सकते हैं। हेरिएट नाम का एक कछुआ था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह मूल रूप से 1835 में चार्ल्स डार्विन द्वारा खोजा गया था और बाद में ऑस्ट्रेलिया के चिड़ियाघर में लाया गया था। इसकी मृत्यु 2006 में हुई और उस समय उसकी उम्र 175 साल थी।

4. कछुआ अंतरिक्ष में जाने वाले पहले जीवित प्राणियों में से एक है। सन 1968 में, सोवियत संघ ने दो कछुओं सहित कई जानवरों के साथ एक अंतरिक्ष यात्रा शुरू की। अंतरिक्ष में एक सप्ताह बिता कर लौटने के बाद देखा गया की इन दोनों कछुओं के शरीर का वजन 10% कम हो गया था।

5. अगर कछुए के दिमाग को इसके शरीर से अलग कर दिया जाए तो भी ये 6 महीने तक जीवित रह सकते हैं।

6. कछुए के खोल (शेल) में 60 हड्डियाँ होती हैं जो एक दुसरे से जुड़े होते हैं।

7. कछुए लंबे समय तक अपनी सांस रोक सकते हैं। यही कारण है की वे अपने शेल के अंदर इतने लंबे समय तक रह लेते हैं। जब भी उन्हें खतरा महसूस होता है तो वे अपने खोल के अंदर छिप जाते हैं, लेकिन इससे पहले वे एक लम्बी साँस छोड़ते हैं जिसकी आवाज सुनी जा सकती है।

8. अंटार्कटिका को छोड़कर ये लगभग उन सभी महाद्वीपों पर रहते हैं जिनका तापमान इनके प्रजनन के लिए पर्याप्त गर्म हो।

9.  Hawksbill नाम का एक समुद्री कछुआ सिर्फ ऐसे जीवों को खाता है जो की जहरीले होते हैं।

10. कछुए की दौड़ने की अधिकतम रफ़्तार 1.6 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है।

11. कछुए अपने खोल से बाहर नही निकल सकते क्योंकि यह उनके शरीर से जुड़ा हुआ होता है और शरीर के साथ ही बढ़ता है।

12. कुछ कछुए मांसाहारी होते हैं, तो कुछ शाकाहारी और कुछ सर्वाहारी भी होते हैं जो की मांस और पौधे कुछ भी खा सकते हैं। कई बार कछुओं के बच्चे मांसाहारी के रूप में जीवन शुरू करते हैं, लेकिन बड़े होने के बाद पौधे खाना शुरू कर देते हैं।

13. कछुआ क्या खाता है? यह उस वातावरण पर निर्भर करता है जिसमें वह रहता है। भूमि पर रहने वाले कछुए झींगुर, फल और घास का भोजन करते हैं, जबकि समुद्र में रहने वाले कछुए शैवाल, स्क्वीड और जेलिफ़िश आदि खाते हैं।

14. इनके कवच के रंग से पता लगाया जा सकता है की ये जिस इलाके में रहते हैं वहां का तापमान क्या है। हल्के रंग के शेल से पता चलता है की गर्म स्थान में रहते हैं। जबकि गहरे रंग से पता लगता है की वह कछुआ किसी ठंडे इलाके में रहता है।
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15. इनका खून ठंडा होता है और माना जाता है की ठंडे खून वाले प्राणी का जीवनकाल बहुत लम्बा होता है।

16. अगर आप कछुआ पकड़ना चाहते हैं तो इसे अपने दोनों हांथों से ही पकड़ें, एक हाँथ इसके शरीर के नीचे जरुर रखें क्योंकि ये अपने नीचे हवा महसूस करने पर डर जाते हैं।

17. कुछ उष्णकटिबंधीय द्वीपों में विशालकाय कछुए भी पाए जाते हैं जिन्हें Giant Tortoise कहा जाता है। इनकी ऊंचाई 6 फीट और चौड़ाई 4 से 5 फीट तक हो सकती है। यही नही इनका वजन 400 किलो से भी अधिक हो सकता है।

18. गैलापागोस प्रजाति का कछुआ पक्षियों का शिकार भी करता है। इसकेलिए वह पक्षियों को अपने खोल के नीचे खींचकर दबा देता है और उसे अपने वजन से कुचल देता है।

19. आपको जानकर हैरानी होगी की Giant tortoise का वैज्ञानिक नाम तय होने में 300 साल लग गये थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इनका मांस बहुत ही स्वादिष्ट होता था और जब भी सैंपल के लिए कोई कछुआ यूरोप भेजा जाता था लोग उसे रास्ते में ही मारकर खा जाते थे।

20. इनकी देखने और सुनने की क्षमता बहुत अधिक होती है।

21. आसपास के गंध को सूंघने के लिए ये अपने गले का उपयोग करते हैं।

22. सर्दी के दिनों में कछुए शीतनिद्रा में चले जाते हैं और कई महीनो तक बिना कुछ खाए एक ही स्थिति में पड़े रहते हैं।

23. कछुए अपने खोल के ऊपर होने वाले स्पर्श को महसूस कर सकते हैं। ये अपने मुंह के ऊपरी हिस्से से साँस अंदर खीचते हैं और गंद का पता लगाते हैं।

24. कछुए के शरीर के वजन का 40% भाग पानी होता है, दरअसल रेगिस्तानी कछुए बरसात के दिनों या अलग-अलग जल स्त्रोतों से भारी मात्रा में पानी पी कर स्टोर कर लेते हैं ताकि सूखे के दिनों में यह काम आ सके।

25. हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है।

26. Tortoise और Turtle में क्या अंतर है? इन दोनों में मुख्य अंतर है की Tortoise हमेशा जमीन पर रहता है ये जंगल, मरुस्थल आदि में रहते हैं और जब प्यास लगती है तभी पानी के पास जाते हैं। जबकि Turtle एक जलीय प्राणी है ये ज्यादातर पानी में ही रहते हैं और धरती पर तभी आते हैं जब इन्हें अंडे देना हो।

27. कछुए के मुंह बेहद मजबूत होते हैं लेकिन उनके दांत नहीं होते हैं।

28. कछुए का खोल कठोर होने के कारण ये अन्य जानवरों और मनुष्यों की तरह सांस लेने के लिए अपनी छाती नही फुला सकते, इसलिए कछुओं में मांसपेशियों का एक विशेष समूह विकसित होता है जो उन्हें साँस लेने में सहायता करता है।

29. मादा कछुए एक बार में 1 से 30 अंडे देते हैं। अंडे देने के लिए वे मिट्टी खोदकर स्थान बनाते हैं।

30. अंडे से बच्चे निकलने में 90 से 150 दिन लगते हैं।

31. मादा कछुओं का शरीर आमतौर पर नर की तुलना में बड़े होते।

32. एक नर कछुए की तुलना में मादा की पूँछ लंबी होती है, जिसके द्वारा वे प्रजनन करते हैं।

33. आमतौर पर कछुए हमेशा शांत रहते हैं लेकिन प्रजनन के दौरान ये फुफकारने की आवाज़ निकालते हैं।

34. प्राचीन काल में रोमन सैनिक कछुओं के कवच से प्रभावित थे और लड़ाई के दौरान ये ढाल का उपयोग कर अपने सैनिकों को सामने और ऊपर से ढक लेते थे।
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35. अफसोस की बात यह है की आज कछुए की कई प्रजातियां लुप्तप्राय हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार आज पृथ्वी पर  कछुओं की लगभग 300 प्रजातियों में से 129 असुरक्षित या लुप्तप्राय हो चुके हैं।

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